कोलकाता: केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश की सभी पार्टियों की सरकारें यह महसूस करती हैं कि निवेश बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए नीति बनाने की जरूरत है। जेटली ने कहा, "आज भारत की एक सबसे बड़ी ताकत यह है कि पूरे देश में सभी सरकारें महसूस करती हैं कि हमें निवेश आकर्षित करने वाली और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करने वाली नीति बनाने की जरूरत है।"
बंगाल वैश्विक व्यापार सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने यहां कहा कि आज सोच बदल रही है, यहां तक कि जुमले भी बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक भी जल्द ही इसी तरह के सम्मेलन करने वाले हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निवेश बंद हो जाएंगे और पूंजी बाहर निकलनी शुरू हो जाएगी, तो रोजगार छिनने लगेंगे। न तो कोई आय होगी और न ही विकास होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि आज हर राज्य यह छानबीन कर रहा है कि किस तरह से व्यापार की सुविधा बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि निवेश आकर्षित करने के लिए नीति में स्थिरता जरूरी है और सालाना निवेश सम्मेलनों से साफ पता चलता है कि हम पिछली परिपाटी को तोड़ना चाहते हैं।
मंत्री ने कहा, "सभी यह महसूस कर रहे हैं कि अर्थव्यवस्था तभी चलेगी, जब बड़े व्यवसाय और बड़ी आर्थिक गतिविधियां राज्य में आएंगी, जिससे रोजगार पैदा हो, जिससे आय मिले, जिसमें सरकार गरीबी उन्मूलन के कार्यक्रम चला सके।"