नई दिल्ली: लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पी ए संगमा ने आज इस बात की पुरजोर वकालत की कि देश का प्रधानमंत्री केवल जनता द्वारा चुने गए सदन से होना चाहिए, राज्यसभा से नहीं।
संगमा ने निचले सदन में संविधान दिवस के अवसर पर हो रही विशेष चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, ‘हमने देखा है कि पिछले 10 वर्ष और उससे पहले भी राज्यसभा से सदस्य प्रधानमंत्री रहे। अगर हमें दूसरे सदन से प्रधानमंत्री लेना पड़े तब संसदीय लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जायेगा। प्रधानमंत्री जनता द्वारा चुने गए लोकसभा से ही बनना चाहिए, राज्यसभा से नहीं।’
उन्होंने कहा कि राज्यसभा एक तो जनता द्वारा चुनी गई सदन नहीं है और दूसरे यह भी कि पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि किसी अन्य राज्य का व्यक्ति किसी दूसरे राज्य से उच्च सदन का सदस्य बन जाता है। ऐसे में वह सही मायनों में उस राज्य का भी प्रतिनिधित्व नहीं करते जहां से वे आते हैं।
सदन के पूर्व अध्यक्ष एवं नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेता ने कहा कि इन दिनों सदन में बहस नहीं हो रही है, हंगामा हो रहा है। उन्होंने कहा कि संसद बहस, संवाद का स्थान है, यहां पर हमें अपनी बातों को रखना चाहिए।