नई दिल्ली: CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच कथित आपसी झगड़े के संबंध में पाकिस्तानी पत्रकार के दावों को फर्जी बताकर उन्हें खारिज करते हुए सुरक्षा बलों ने कहा कि सूचना गलत और निराधार है। कश्मीर पुलिस ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया है कि उसने आगे की कार्रवाई के लिए इस ट्वीट के बारे में माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट को सूचित कर दिया है। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने की पृष्ठभूमि में झड़प होने का दावा पाकिस्तान के पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने सत्यापित ट्विटर हैंडल से किया है।
Related Stories
खान ने लिखा है, कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ रहा है। मुस्लिम कश्मीरी पुलिसकर्मी ने गोली मार कर भारतीय CRPF के पांच कर्मियों की हत्या कर दी। सुरक्षा बलों ने एक-दूसरे पर हमला किया क्योंकि उन्होंने एक गर्भवती महिला को सिर्फ इसलिए जाने की अनुमति नहीं दी क्योंकि उसके पास कर्फ्यू का पास नहीं था। हमले के बाद से हालात तनावपूर्ण हैं। अब केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इस संबंध में अपने आधिकारिक हैंडल पर पोस्ट लिखा है।
CRPF ने लिखा है, इस ट्वीट की छवि खराब करने वाली सामग्री/सूचना आधारहीन और गलत है। हमेशा की तरह भारत के सभी सुरक्षा बल साथ मिलकर समन्वय और भाईचार के साथ काम कर रहे हैं। हमारी वर्दी के रंग भले ही अलग-अलग हों लेकिन देशभक्ति और तिरंगा हमारे दिल और अस्तित्व में बसता है। आतंकवाद निरोधी कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कश्मीर घाटी में तैनात CRPF के इस ट्वीट को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से एंडोर्स किया है।
कश्मीर पुलिस ने लिखा है, हम छवि खराब करने वाली सूचना का सिरे से खंडन करते हैं। इसे ट्विटर के समक्ष कार्रवाई के लिए उठाया गया है। CRPF के प्रवक्ता ने यहां बल के मुख्यालय पर कहा कि उपमहानिरीक्षक मोसेस दिनाकरण ने भी पत्रकार की पोस्ट की कटु आलोचना की है। दिनाकरण ने ट्वीट किया है, कश्मीर में अपनी गलत मंशा को अंजाम नहीं दे पाने की निराशा की वजह से भड़के आपके गुस्से पर मुझे दया आती है। इस फर्जी खबर के साथ आप और नीचे गिर गए हैं।