नई दिल्ली: चेन्नई के एक अस्पताल में 18 मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई है। ये घटना मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपैडिक्स एंड ट्रॉमेटोलॉजी अस्पताल (MIOT) की है। बताया जा रहा है कि यहां आईसीयू में मरीज भर्ती थे लेकिन बिजली ठप होने के बाद ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से 18 मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में वो मरीज हैं जिनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। फिलहाल अस्पताल के सभी मरीजों को निकालकर सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
वहीं चेन्नई और इसके आसपास के इलाकों में बारिश थमने के चलते बाढ़पीडि़त नागरिकों और बचाव एजेंसियों को राहत मिली है जबकि बाढ़ का पानी तेजी से घटने की उम्मीद बढ़ी है। मंगलवार को भारी बारिश के कारण मोबाइल फोन सेवा बुरी तरह प्रभावित हुयी थी। वह आंशिक रूप से बहाल हो गयी है जबकि एटीएम जैसी अन्य सेवाएं अब भी बंद है। कल दिन भर बारिश रूकने के बाद, कोडमबक्कम, टी नगर और तमबरम सहित शहर के आसपास के कुछ इलाकों में रात में बारिश हुयी लेकिन शुक्रवार की सुबह में आसमान कुछ खुला सा नजर आया और लोग सड़कों पर निकले। बारिश रूकने के चलते चेमबरापक्कम, पोंडी और पुझल झीलों से पानी छोड़े जाने में तेज गिरावट आई और उसके कारण शहर से गुजरने वाली दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट आयी।
अधिकारियों ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में पानी घट रहा है लेकिन एहतियात के तौर पर कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति पर रोक जारी रहने के कारण नागरिकों को थोड़ी परेशानी हो रही है। ढेर सारे लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलना अब भी दुभर है। दूध और समाचार पत्रों की आपूर्ति सुचारू नहीं हो पायी है और बहुत से नागरिकों ने शिकायत की है कि सब्जियों की कीमत अब भी आसमान छू रही हैं। परिवहन सेवा में भी सुधार होने के संकेत दिख रहे हैं। चेन्नई के नजदीक राजाली नौसेना वायु ठिकाने से आज सुबह सीमित व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया गया है। उपनगरीय चेन्नई अरकोननाम रेलखंड पर ट्रेन सेवा आंशिक रूप से शुरू की गयी है। दक्षिणी रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि वे अब भी व्यस्त तमबरम-चेन्नई समुद्र तट पर सेवा बहाल करने के लिए काम में लगे हैं जो व्यापारिक और रिहायशी इलाकों से होकर गुजरती है।
बस और रेल परिवहन बंद होने के बाद ज्यादा से ज्यदा संख्या में लोग चेन्नई मेट्रो में सफर कर रहे हैं। चेन्नई और आसपास के इलाकों में बारिश से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए तेज राहत और बचाव कार्य पर ध्यान केन्दि्रत करते हुये एनडीआरएफ ने अपनी दस और टीमों को काम पर लगाया है और इसने अभी तक 9,000 लोगों को बचाया है। बल के महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि कुछ स्थानों पर जलस्तर में कमी आने पर आज हमारी टीमों के बचाव ज्यादा लोगों तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा, अभी तक हमने 9,000 लोगों को बचाया है। पुणे और पटना से दस और टीमों को तमिलनाडु भेजा गया है। हमें उम्मीद है कि हालात में सुधार होने और संचार के बेहतर होने के कारण आज बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि आज तड़के पांच टीमें चेन्नई पहुंच गयीं। बल की 30 टीमें पहले से कार्यरत हैं। हर टीम में 40 सदस्य हैं। यह टीमें तमिलनाडु की राजधानी और पड़ोस के पुडुचेरी के इलाकों में काम कर रही हैं। एनडीआरएफ करीब हवा भर कर चलाई जाने वाली 110 नौकाएं और अन्य तरह की नावों, अन्य उपकरणों एवं लाइफ जैकेट के साथ बचाव और राहत अभियान चला रहा है। बल ने अपने नियंत्रण कक्ष में यहां हेल्प लाइन नंंबर 011-24363260, 09744077372 शुरू की है। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल मूसलाधार बारिश से प्रभावित इलाकों का अलग-अलग हवाई सर्वेक्षण किया।
इस बाढ़ के कारण अब तक 269 लोगों की मौत हो गयी है। हवाई सर्वेक्षण के बाद जयललिता ने कल प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उनसे तत्काल 5,000 करोड़ रूपया की राहत देने का आग्रह किया जिस पर उन्होंने तमिलनाडु को राहत कार्य के लिए 1000 करोड़ रूपया और देने की घोषणा की। यह राशि केन्द्र द्वारा पहले घोषित की गयी 940 करोड़ रूपये के अतिरिक्त होगा। केन्द्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि की अध्यक्षता में एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए रक्षा, खाद्य, रेलवे, कृषि, स्वास्थ्य, दूरसंचार विभाग के मंत्रालयों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आपदा प्रंधबन समूह :सीएमजी: की एक बैठक भी प्रस्तावित है।