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लोकतंत्र में रहने के बावजूद खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं आदिवासी महिलाएं: सोनी

 Written By: India TV News Desk
 Published : Mar 08, 2016 08:38 pm IST,  Updated : Mar 08, 2016 08:38 pm IST

सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र में रहने के बावजूद भारत में आदिवासी महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं।

Soni Sori
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नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र में रहने के बावजूद भारत में आदिवासी महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने साथ ही आदिवासी महिलाओं और उनके अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहने के लिए पुलिस और सरकार दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, हम एक लोकतंत्र में रहते हैं, इसके बावजूद हम असुरक्षित हैं। हम पर हमला किया जाता है और असंतोष को कुचला जाता है। आज भी कई आदिवासी महिलाएं जेल में बंद हैं। वे कई तरह के अत्याचार, प्रताड़ना और अन्याय का सामना कर रही हैं।

सोनी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जंतर-मंतर पर आयोजित एक सभा में कहा, क्या अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना गलत है? क्या कानूनी कार्यवाही की मांग करना गलत है? वहां मौजूद लोगों ने इसके जवाब में जोर जोर से कहा शर्म करो-शर्म करो। सोनी पर पिछले महीने छत्तीसगढ़ में तेजाब जैसे किसी रसायन से हमला किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस हर तरह के अत्याचार करती है और तब भी उसके साथ बच निकलती है। उन्होंने आरोप लगाया, पुलिस हमारी सुरक्षा करने के बजाए हमें फटकार लगा रही है। वे हमें नक्सली बुलाते हैं और जेल में डाल देते हैं।

पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई। 44 साल की आदिवासी स्कूल शिक्षिका को माओवादियों के वाहक के तौर पर काम करने के आरोपों को लेकर 2011 में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जेल में बंद होने के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस ने उन्हें प्रताडि़त किया और उनका यौन उत्पीड़न किया।  

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