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बेमौसम बारिश से 8 मरे, फसलें नष्ट

 Written By: IANS
 Published : Mar 31, 2015 10:59 am IST,  Updated : Mar 31, 2015 11:21 am IST

चंड़ीगढ़: देश के उत्तर और पूर्वी राज्यों में हो रही बेमौसम बारिश के कारण सात लोगों की मौत हो गई जबकि हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई। बिहार में अधिकारियों ने बताया कि आसमानी बिजली

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चंड़ीगढ़: देश के उत्तर और पूर्वी राज्यों में हो रही बेमौसम बारिश के कारण सात लोगों की मौत हो गई जबकि हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई।

बिहार में अधिकारियों ने बताया कि आसमानी बिजली के प्रकोप से विभिन्न घटनाओं में दो बच्चियों और एक महिला समेत छह लोगों की मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि मुंगेर जिले के धरहरा थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आसमानी बिजली गिरने के कारण चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पटना के बाढ़ क्षेत्र में आसमानी बिजली से दो लोगों की जान चली गई।

पूरे राज्य में सोमवार को भारी बारिश और आंधी के कारण पेड़ जड़ से उखड़ गए, कई घर क्षतिग्रस्त हुए और बिजली के तार नीचे आ गए। मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के तापमान में भी कमी आई है।

मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह बारिश बेमौसम हो रही है।

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में आसमानी बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं फिरोजाबाद में तेज बारिश, और आसमानी बिजली से खेत में खड़ी फसल चौपट होने के सदमे से दो लोगों की जान चली गई।

सेराब गांव में रविवार शाम को आसमानी बिजली गिरने के कारण दो लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में तीन अन्य लोग झुलस गए जिन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फिरोजाबाद में किसान हरि सिंह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी मौत सदमे से हुई है लेकिन पुलिस का कहना है कि घर पर तनाव रहने के कारण उसकी मौत हुई है।

वहीं एक अन्य किसान रघुवीर रविवार की सुबह एकाएक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बजना गांव के रहने वाले रघुवीर बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल के नुकसान के सदमे को बर्दास्त नहीं कर पाए और दम तोड़ दिया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार की शाम अचानक मौसम बदल गया और बेमौसम बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ-साथ आंधी और आसमानी बिजली का भी क्षेत्र में प्रकोप छाया रहा।

मार्च की शुरुआत में इस क्षेत्र में 80 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई थी, जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ था।

पंजाब और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में फरवरी और मार्च में हुई बारिश से तबाही के बाद पिछले 24 घंटों के दौरान तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने यहां एकबार फिर फसलें तबाह कर दी हैं। यहां पर ज्यादातर गेहूं की फसल होती है।

पंजाब के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ जमकर बारिश हुई।

पंजाब में चंडीगढ़ से 30 किलोमीटर दूर खरार कस्बे के नजदीक रहने वाले किसान बलबीर सिंह ने आईएएनएस को बताया, "गेहूं की खड़ी फसलें बारिश और तेज हवाएं चलने की वजह से चौपट हो गई हैं।

इन्हें अप्रैल के मध्य में काटा जाना था। नष्ट फसलों की भरपाई नहीं हो सकती। बारिश की वजह से अनाज के खेतों में अधिक नमी हो गई है।"

पंजाब और हरियाणा के कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की वजह से पेड़ टूट गए हैं।

बारिश के बाद रविवार को ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया। पिछले 12 घंटों में चंड़ीगढ़ और इसके आसपास के स्थानों में तेज हवाओं के साथ सामान्य से भारी बारिश दर्ज हुई।

कृषि विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान और कृषि राज्य मंत्री संजीव कुमार बलियान के नेतृत्व में एक दल मंगलवार को चंडीगढ़ के दौरे पर जाएगा और क्षेत्र में बर्बाद हुई फसल का मुआयना करेगा।

यह दल राजस्व, आपदा प्रबंधन, बिजली, विकास एवं पंचायती राज, कृषि, सहकारिता, पशुपालन और डेयरी, खाद्य एवं आपूर्ति, सिंचाई और अन्य विभागों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात करेगा।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही विशेष बेमौसम बारिश के कारण हुए नुकसान के आकलन का आदेश दे दिया है।

हिमाचल प्रदेश में सोमवार को बारिश और हिमपात के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

रातभर हुई बारिश के कारण राजधानी शिमला का न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया इसके साथ ही यहां पर सर्दी बढ़ गई।

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