नई दिल्ली: महिलाओं द्वारा चलाये जाने वाले वाहनों और स्कूल यूनीफॉर्म में बच्चों को लेकर जा रही कारों को यहां 15 अप्रैल से शुरू हो रहे सम विषम पंजीकरण संख्या योजना के दूसरे चरण से बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में एक बैठक में ये फैसले किए गए। इस बैठक में मंत्री और योजना के लिए गठित समन्वय समिति के सदस्य शामिल हुए।
परिवहन मंत्री गोपाल राय ने संवाददाताओं से कहा, ‘यह फैसला किया गया है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को इस योजना से बाहर ही रखा जाएगा। सरकार ने यह भी फैसला किया है कि स्कूल के छात्रों को लेकर जा रही कारों को भी छूट दी जाएगी।’ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि स्कूल यूनीफार्म में छात्रों को लेकर जा रही कारों को सम विषम योजना से छूट दी जाएगी। यह पूछे जाने पर कि स्कूल के बाद बच्चों को लेने जाने वाले माता पिता को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, राय ने कहा कि वे इन सब बातों पर काम कर रहे हैं और एक दो दिन में इस संबंध में अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
केंद्रीय मंत्रियों को समविषम योजना में छूट रहेगी जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके कैबिनेट के सहयोगी 15 अप्रैल से शुरू होने वाली इस योजना के दूसरे चरण के दायरे में होंगे। दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने आज कहा कि दिल्ली सरकार केंद्रीय मंत्रियों को 15 दिवसीय योजना के दायरे में लाकर बेवजह का विवाद नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि एक जनवरी से 15 जनवरी तक चली योजना के पहले चरण के बाद कराए गए एक सर्वेक्षण में लोगों ने केंद्रीय मंत्रियों को छूट नहीं देने के लिए कहा था। राय ने कहा, चूंकि हमने समविषम योजना के पहले चरण से केंद्र सरकार के मंत्रियों को बाहर रखा था, हम इन मंत्रियों को योजना के दूसरे चरण में भी छूट जारी रखेंगे।
परिवहन मंत्री राय ने यद्यपि कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट के मंत्री इस योजना के दायरे में रहेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार दूसरे चरण में वरिष्ठ नागरिकों को छूट देने पर विचार कर सकती है। वरिष्ठ नागरिकों की ओर से इस संबंध में मांग की गई थी।
पूर्व घोषणा के अनुसार, सीएनजी वाहनों को योजना से बाहर रखा जाएगा। इस योजना का पहला चरण एक से 15 जनवरी तक लागू किया गया था।