1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. '26 दिनों का उपवास पवित्र और सर्वोच्च बलिदान, हमेशा आपके आभारी रहेंगे', सोनम वांगचुक के लिए अभिजीत दीपके का पोस्ट

'26 दिनों का उपवास पवित्र और सर्वोच्च बलिदान, हमेशा आपके आभारी रहेंगे', सोनम वांगचुक के लिए अभिजीत दीपके का पोस्ट

 Published : Jul 25, 2026 07:21 pm IST,  Updated : Jul 25, 2026 07:21 pm IST

अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक के योगदान के लिए धन्यवाद शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने लिखा कि हम आपसे प्यार करते हैं और सत्याग्रह के लिए हमेशा आभारी रहेंगे।

Sonam Wangchuk- India TV Hindi
सोनम वांगचुक (भूख हड़ताल की तस्वीर) Image Source : X/SONAMWANGCHUK

कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन खत्म होने के बाद अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के प्रति आभार जताया है। उन्होंने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल की चार फोटो शेयर कीं। इसके साथ ही सोनम वांगचुक का आभार जताया और कहा कि उनके योगदान के लिए वह जो धन्यवाद देना चाहते हैं, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "सोनम वांगचुक के गांधीवादी सत्याग्रह ने पूरे देश को जगा दिया। इस देश के युवाओं के लिए 26 दिनों का उपवास एक पवित्र और सर्वोच्च बलिदान था। यह इतिहास में उस नैतिक शक्ति के रूप में दर्ज होगा जिसने हम सभी को असंभव मुश्किलों के खिलाफ एकजुट किया। आपके योगदान के लिए हम शब्दों में अपना धन्यवाद पूरी तरह से नहीं बता सकते। हम आपसे प्यार करते हैं और आपके सत्याग्रह के लिए हमेशा आभारी रहेंगे।"

सोनम वांगचुक ने जताई खुशी

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मैं सरकार और धर्मेंद्र प्रधान के उठाए गए कदमों का स्वागत और सम्मान करता हूं, और सभी देशवासियों को बधाई देता हूं। यह आज हमने जो डेमोक्रेसी की जीत देखी है। मैं हमारी सीजेपी टीम को बधाई देता हूं और धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया, साथ ही उन वॉलंटियर्स को भी जिन्होंने उनका साथ दिया, देश भर के स्टूडेंट्स, युवाओं और बुजुर्गों को भी जो डेमोक्रेसी के लिए खड़े हुए। मैं उन सभी का सम्मान करता हूं, और सबसे जरूरी बात, जिस तरह से उन्होंने शांति बनाए रखी, उसका मैं सम्मान करता हूं। मुझे उम्मीद है कि हम यह शांति बनाए रखेंगे और भविष्य में कहीं भी कोई गलत काम नहीं होगा। हमें सुधारों पर काम करने की जरूरत है। कोई देश सिर्फ हार मानने से नहीं बनता। एजुकेशन में सुधार होना चाहिए, और उस पर आगे काम होना चाहिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि जिस उदारता से सरकार ने यह कदम उठाया है, वह सुधार की कोशिशों में भी दिखेगा। सिर्फ एजुकेशन में ही नहीं, बल्कि गवर्नेंस में भी सुधार होगा। मुझे उम्मीद है कि अब से देश चलाने का तरीका बदलेगा। देश प्यार और स्नेह से चलेगा, डर से नहीं और इसे अन्याय के नहीं, सच्चाई के रास्ते पर ले जाया जाएगा।"

सरकार ने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें मानी

शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद सीजेपी प्रवक्ताओं और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह के बीच मुलाकात हुई। इस दौरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें स्वीकार कर लीं। इनमें प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई एफआईआर न करना और नीट पेपर लीक के कारण सुसाइड करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल है। इसके बाद सीजेपी ने विरोध प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान किया।

यह भी पढ़ें-

सरकार ने छात्रों की कौन-कौन सी मांगे मानी, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म होने के बाद अब आगे क्या?

'सच्ची लीडरशिप दशकों में मापी जाती है, आपके योगदान के लिए धन्यवाद', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले किरेन रिजिजू

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत