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357 वेबसाइट्स, 2,400 बैंक खाते ब्लॉक, 126 करोड़ रु. फ्रीज, ऑफशोर ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों पर DGGI का बड़ा एक्शन

 Reported By: Manish Prasad, Edited By: Niraj Kumar
 Published : Mar 22, 2025 10:44 pm IST,  Updated : Mar 22, 2025 10:44 pm IST

ऑनलाइन मनी गेमिंग उद्योग में घरेलू और विदेशी दोनों ऑपरेटर शामिल हैं। जीएसटी कानून के तहत, 'ऑनलाइन मनी गेमिंग', 'माल' की आपूर्ति के रूप में वर्गीकृत है और इस पर 28% टैक्स लगता है।

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ऑनलाइन गेमिंग Image Source : FILE

नई दिल्ली: वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (DGGI) ने ऑफशोर ऑनलाइन गेमिंग संस्थाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज की है। ऑनलाइन मनी गेमिंग उद्योग में घरेलू और विदेशी दोनों ऑपरेटर शामिल हैं। जीएसटी कानून के तहत, 'ऑनलाइन मनी गेमिंग',  'माल' की आपूर्ति के रूप में वर्गीकृत है और इस पर 28% टैक्स लगता है। इस सेक्टर में काम करने वाली संस्थाओं को जीएसटी के अंतर्गत पंजीकरण कराना आवश्यक है।

700 ऑफशोर संस्थाओं की DGGI कर ही है जांच

ऑनलाइन मनी गेमिंग/ सट्टेबाजी में शामिल लगभग 700 ऑफशोर संस्थाएं डीजीजीआई की जांच के दायरे में हैं। यह देखा गया है कि ये संस्थाएं पंजीकरण न करवाकर जीएसटी की चोरी कर रही हैं। अब तक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के कोर्डिनेशन से डीजीजीआई की ओर से अवैध/ गैर-अनुपालन वाली ऑफशोर ऑनलाइन मनी गेमिंग संस्थाओं की 357 वेबसाइट/ यूआरएल को ब्लॉक किया गया है।

वैध गेमिंग प्लेटफॉर्म के खिलाफ अभियान

हाल ही में कुछ अवैध गेमिंग प्लेटफॉर्म के खिलाफ एक अभियान में, डीजीजीआई ने आई4सी और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के साथ मिलकर प्रतिभागियों से पैसे इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों को टारगेट किया गया। करीब  2,000 बैंक खातों को ब्लॉक किया गया और 4 करोड़ रुपये जब्त किए। एक अन्य कार्रवाई में, इनमें से कुछ ऑफशोर संस्थाओं की वेबसाइटों पर पाए गए यूपीआई आईडी से जुड़े 392 बैंक खातों को डेबिट फ्रीज कर दिया गया है और इन खातों में कुल 122.05 करोड़ रुपये की रकम अस्थायी रूप से जब्त की गई है।

166 म्यूल खाते ब्लॉक 

डीजीजीआई ने कुछ भारतीय नागरिकों के खिलाफ एक और अभियान चलाया, जो भारत के बाहर से ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म चला रहे थे। इससे पता चला, कि ये लोग सतगुरु ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म, महाकाल ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म और अभी 247 ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म सहित कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय ग्राहकों को ऑनलाइन मनी गेमिंग की सुविधा दे रहे थे। ये लोग भारतीय ग्राहकों से पैसे इकट्ठा करने के लिए म्यूल बैंक खातों (ऐसे बैंक अकाउंट जिनका इस्तेमाल जालसाज अपराध से मिले पैसे को ठिकाने लगाने के लिए करते हैं) का इस्तेमाल कर रहे थे। डीजीजीआई ने अब तक इन प्लेटफॉर्म से जुड़े 166 म्यूल खातों को ब्लॉक कर दिया है। अब तक ऐसे तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और ऐसे ही अन्य लोगों के खिलाफ जांच जारी है।

विदेशी संस्थाओं की ओर से की जानेवाली इन करतूतों से स्थानीय व्यवसायों को नुकसान पहुंचाता है, और यह बाजार को खराब करता है। ये बेईमान विदेशी संस्थाएं नए वेब पते बनाकर प्रतिबंधों को दरकिनार करती हैं। जांच से यह भी पता चला कि ये कंपनियां लेन-देन को संसाधित करने के लिए ‘म्यूल’ बैंक खातों के जरिए काम करती हैं। इन पैसों को अवैध गतिविधियों में डालने की संभावना है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी खतरनाक हो सकती है।

जनता को सतर्क रहने की सलाह

यह देखा गया है कि कई बॉलीवुड हस्तियां और क्रिकेटरों के साथ-साथ यूट्यूब, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम के प्रभावशाली लोग इन प्लेटफॉर्मों का प्रचार करते पाए जाते हैं, और इसलिए जनता को सतर्क रहने और ऑफशोर ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्मों से जुड़ने से बचने की सलाह दी जाती है। इससे लोगों को धन हानि हो सकती है साथ ही यह  राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करती हैं। डीजीजीआई का कहना है कि वह अवैध ऑफशोर गेमिंग संस्थाओं के खतरे से निपटने के प्रति प्रतिबद्ध है। आगामी आईपीएल सीजन के साथ, अवैध गेमिंग संचालन को रोकने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई अधिक सख्त होगी।

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