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'अवैध प्रवासी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हैं', उपराष्ट्रपति धनखड़ ने दे दी चेतावनी

 Published : Jan 28, 2025 06:39 am IST,  Updated : Jan 28, 2025 12:04 pm IST

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक बयान मे कहा कि अवैध प्रवासी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़।- India TV Hindi
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़। Image Source : PTI

भारत, अमेरिका समेत दुनिया के विभिन्न देशों में इस वक्त अवैध प्रवासी बहस का मुद्दा बने हुए हैं। अमेरिका में तो अवैध प्रवासियों को पकड़ कर उन्हें उनके देश वापस भेजा जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर भारत में दिल्ली समेत अन्य कई राज्यों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान जारी है। इन सब कदमों के बीच अब भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अवैध प्रवासी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

चुनावी प्रणाली को प्रभावित करने की कोशिश- उपराष्ट्रपति 

सोमवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा इंटर्नशिप कार्यक्रम के प्रतिभागियों के एक ग्रुप को संबोधित किया। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि अवैध प्रवासी लोग भारत के लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये अवैध प्रवासी हमारी चुनावी प्रणाली को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उपराष्ट्रपति ने भारत सरकार से अवैध प्रवासियों के मुद्दे का समाधान निकालने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने की अपील की है।

राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा- उपराष्ट्रपति धनखड़

उपराष्ट्रपति धनखड़ ने आगे कहा- ‘‘अवैध प्रवासी हमारे सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। हमें चुनौतियों को देखना होगा। देश के लिए चुनौती यह है कि लाखों अवैध प्रवासी हमारी जमीन पर रह रहे हैं। क्या यह हमारी संप्रभुता के लिए चुनौती नहीं है? ऐसे लोग कभी भी हमारे राष्ट्रवाद से नहीं जुड़े सकते।’’

देश ये कैसे सहन कर सकता है- उपराष्ट्रपति 

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि हमारे देश में लाखों की संख्या में अवैध प्रवासी रह रहे हैं। एक देश लाखों अवैध प्रवासियों को कैसे सहन कर सकता है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अवैध प्रवासी हमारे स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सुविधाओं के संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। वे उन नौकरियों में लगे हुए हैं, जो हमारे लोगों के लिए हैं। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार में हर कोई इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगा। इस समस्या और इसके समाधान में एक दिन की भी देरी नहीं की जा सकती। (इनपुट: भाषा)

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