1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. झारखंड खनन घोटाला: ईडी ने हेमंत सोरेन से 9 घंटे तक की पूछताछ, 100 से ज्यादा सवाल दागे गए

झारखंड खनन घोटाला: ईडी ने हेमंत सोरेन से 9 घंटे तक की पूछताछ, 100 से ज्यादा सवाल दागे गए

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Nov 17, 2022 11:11 pm IST,  Updated : Nov 18, 2022 06:23 am IST

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से आज प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने करीब 9 घंटे तक अपने दफ्तर बुलाकार पूछताछ की। इस दौरान उनसे इस अवधि में 100 सवाल पूछे गए। इस दौरान कई सवालों का उन्होंने जवाब नहीं दिया। गुरुवार को ईडी दफ्तर जाने से पहले उन्होंने अपने पर लगे आरोपों को निराधार बताया।

हेमंत सोरेन- India TV Hindi
हेमंत सोरेन Image Source : FILE

झारखंड में अवैध पत्थर खनन के जरिए एक हजार करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग के केस में ईडी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से करीब 9 घंटे तक पूछताछ की। ईडी के समन पर हेमंत सोरेन दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के जोनल कार्यालय पहुंचे थे, जहां से वह रात 9 बजकर 35 मिनट पर बाहर निकले। पूछताछ खत्म होने पर उनकी पत्नी कल्पना सोरेन उन्हें लेने खुद ईडी दफ्तर पहुंची थीं। सोरेन को आगे भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

झारखंड के सीएम से ईडे ने पूछे 100 सवाल 

सूत्रों के मुताबिक ईडी के तीन अफसरों की टीम ने उनसे लगभग 100 सवाल किए। अवैध खनन घोटाले में पहले ही गिरफ्तार किए गए सोरेन के विशेष प्रतिनिधि पंकज मिश्र के घर पर छापामारी में हेमंत सोरेन के हस्ताक्षर वाले चेक बुक मिले थे। सोरेन से पूछा गया कि उन्होंने चेकबुक पंकज मिश्रा को क्यों दे रखा था? 

जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रतिनिधि को दी थी चेकबुक

सूत्रों के अनुसार सोरेन ने इस पर बताया कि राजनीति में रहते हुए कई बार जरूरतमंदों की व्यक्तिगत तौर पर आर्थिक मदद करनी पड़ती है। चेक बुक इसी मकसद से उनके प्रतिनिधि के पास था। उनसे यह भी पूछा गया कि पंकज मिश्रा के संरक्षण में चल रहे अवैध खनन के रैकेट के बारे में उन्हें जानकारी थी या नहीं? इस बारे में उन तक कोई शिकायत पहुंची या नहीं और अगर पहुंची तो उन्होंने कोई कार्रवाई की या नहीं?

कई सवालों का सीएम ने नहीं दिया जवाब

मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश और कारोबारी अमित अग्रवाल से रिश्तों के बारे में भी हेमंत सोरेन से सवाल किए गए। अवैध खनन के मामलों में छापेमारी के दौरान ईडी ने जो साक्ष्य जुटाए हैं, उनके आधार पर भी सीएम से कई जानकारियां मांगी गईं। बताया जा रहा है कि सीएम ने ईडी के कई सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया।

ईडी दफ्तर जाने से पहले अपने पर लगे आरोपों को बताया था निराधार

इसके पहले ईडी कार्यालय रवाना होने के पूर्व सीएम ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि उनपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्हें इस तरह समन भेजा गया जैसे वे देश छोड़कर भाग रहे हों। इस देश में घोटाला करने वाले व्यापारी देश छोड़कर भागते रहे हैं, लेकिन किसी राजनेता को लेकर ऐसा कोई उदाहरण नहीं है।

ईडी की कार्रवाई सरकार को अस्थिर करने का षडयंत्र: सोरेन

हेमंत सोरेन ने यह भी कहा था कि यह कार्रवाई उनकी सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र का हिस्सा है। अवैध खनन को लेकर उनपर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। ईडी का कहना है कि सिर्फ एक जिले में अवैध पत्थर खनन के जरिए एक हजार करोड़ का घोटाला हुआ है, जबकि पूरे राज्य में स्टोन चिप्स से साल भर में एक हजार करोड़ रुपए की आमदनी नहीं होती।

सोरेन के समर्थन में जमे रहे झामुमो के हजारों कार्यकर्ता 

इधर, सीएम हेमंत सोरेन के प्रति समर्थन जताने के लिए झामुमो के हजारों कार्यकर्ता, सरकार के मंत्री, विधायक और पार्टी के दर्जनों नेता गुरुवार को पूरे दिन कांके रोड स्थित सीएम कार्यालय के समक्ष जमे रहे। इस दौरान कार्यकतार्ओं को संबोधित करते हुए मंत्री मिथिलेश ठाकुर, बन्ना गुप्ता एवं अन्य ने कहा कि भाजपा और केंद्र के इशारे पर हेमंत सोरेन सरकार को परेशान करने की साजिश की जा रही है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत