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जोशीमठ के प्रभावितों को किस दर पर मिलेगा मुआवजा ? जानें सीएम धामी ने क्या ऐलान किया

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 11, 2023 09:46 pm IST,  Updated : Jan 12, 2023 06:11 am IST

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भूधंसाव से प्रभावित मकानों को गिराने संबंधी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए लोगों से कहा कि इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड- India TV Hindi
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड Image Source : पीटीआई

देहरादून: जोशीमठ में जमीन धंसने से प्रभावित लोगों को राज्य सरकार बाजार दर पर मुआवजा देगी। यह ऐलान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को दुख की इस घड़ी में सरकार द्वारा हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री ने भूधंसाव से प्रभावित मकानों को गिराने संबंधी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए लोगों से कहा कि इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। धामी ने कहा कि नगरपालिका क्षेत्र जोशीमठ के भूधंसाव प्रभावितों को बाजार दर पर मुआवजा दिया जायेगा और यह बाजार दर हितधारकों के सुझाव लेकर जनहित में तय की जाएगी। 

प्रभावित परिवारों के लिए 45 करोड़ रुपये जारी 

उन्होंने कहा कि तीन हजार प्रभावित परिवारों को कुल 45 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। तात्कालिक तौर पर प्रति परिवार 1.50 लाख रुपये की अंतरिम सहायता दी जा रही है जिसमें से एक लाख रुपये की धनराशि उन्हें स्थायी विस्थापन नीति तैयार होने से पहले अग्रिम के रूप में तथा 50 हजार रुपये सामान की ढुलाई एवं तात्कालिक आवश्यकताओं हेतु दी जा रही है। प्रभावितों को यह धनराशि उत्तराखंड राज्य आपदा प्राधिकरण द्वारा जारी की गई है। धामी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में कुल खर्च का पूरा आकलन कर सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु अपने एक माह का वेतन भी देने की घोषणा की। 

जबतक बहुत जरूरी न हो, मकान ध्वस्त नहीं किए जाएंगे-धामी

प्रभावित क्षेत्र में दरार वाले मकानों को गिराए जाने की अफवाह फैलाए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से उन पर ध्यान नहीं देने की अपील की और कहा कि मकानों को ध्वस्त करने की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र में दरार वाले मकानों को तब तक ध्वस्त न कराया जाय, जब तक कि अपरिहार्य न हो। उन्होंने मुख्य सचिव को जोशीमठ में प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी हर समस्या का शीघ्रता से निदान करने के निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से जिन परिवारों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है, उन्हें वहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं। 

प्रभावितों के विस्थापन के लिए बेहतर व्यवस्था

उन्होंने कहा कि प्रभावितों के विस्थापन के लिए उनके सुझावों के आधार पर इतनी बेहतर व्यवस्था की जाए जो पूरे देश के लिए नजीर बने। जोशीमठ में राज्य सरकार के उच्चाधिकारी प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान में लगे हैं। इसके अलावा जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र में भूगर्भीय तथा अन्य आवश्यक जांच के लिए विभिन्न वैज्ञानिक एवं आपदा प्रबंधन संस्थानों की टीमें जुटी हुई हैं। जोशीमठ नगर क्षेत्र में 723 भवनों को भूधंसाव प्रभावित के रूप में चिन्हित किया गया है जिनमें से बुधवार तक 131 परिवारों के 462 लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में विस्थापित किया गया है।

इनपुट-भाषा

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