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मणिपुर में अगले 3 दिन के लिए बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज, NRC अपडेट की मांग को लेकर आंदोलन तेज

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Aug 20, 2026 07:23 am IST,  Updated : Aug 20, 2026 08:11 am IST

मणिपुर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानीय नेताओं के पुतले फूंके। गुरुवार से आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया गया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

मणिपुर सरकार ने राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों को 3 दिनों के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। सरकार के आदेश के मुताबिक, 20 अगस्त से राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान अगले 3 दिनों तक बंद रहेंगे।

NRC अपडेट की मांग तेज

दरअसल, राज्य में जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। इसी मांग को लेकर कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन (JFD) ने 48 घंटे के आम हड़ताल का आह्वान किया है।

प्रदर्शनकारियों ने कई नेताओं के फूंके पुतले

हड़ताल के दूसरे दिन मणिपुर के घाटी जिलों के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और कई राजनेताओं के पुतले भी फूंके। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राज्य में जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले NRC को अपडेट किया जाए।

गुरुवार से आंदोलन हुआ और तेज

JFD ने अपने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान करते हुए गुरुवार से सभी सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार की भी घोषणा की है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

जानिए NRC अपडेट का क्या है मुद्दा

बता दें कि मणिपुर में जनगणना से पहले NRC अपडेट करने की मांग के पीछे मुख्य मुद्दा नागरिकता, कथित अवैध प्रवासन और जनसंख्या के आंकड़ों को लेकर है। प्रदर्शनकारी संगठनों, खासकर Campaign for Just and Fair Delimitation (JFD) का कहना है कि पहले यह तय किया जाए कि राज्य में कौन भारतीय नागरिक है और कौन कथित रूप से अवैध प्रवासी है। इसके बाद ही जनगणना कराई जाए। 

जनसांख्यिकीय आंकड़ों पर पड़ सकता है असर

जेएफडी का तर्क है कि बिना नागरिकता सत्यापन के जनगणना होने पर कथित अवैध प्रवासियों को भी आबादी की गिनती में शामिल किया जा सकता है। इससे राज्य के जनसांख्यिकीय आंकड़ों पर असर पड़ सकता है।

NRC और जनगणना में अंतर

NRC का मकसद नागरिकों की पहचान और नागरिकता से जुड़े रिकॉर्ड तैयार करना है। जनगणना (Census) का मकसद देश या राज्य की आबादी और उससे जुड़े जनसांख्यिकीय आंकड़े जुटाना है।

PTI के इनपुट के साथ

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