1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 'टूटा हुआ जबड़ा', विधानसभा में अपने इशारे पर सीएम विजय ने दी सफाई, तमिलनाडु में गरमाई सियासत

'टूटा हुआ जबड़ा', विधानसभा में अपने इशारे पर सीएम विजय ने दी सफाई, तमिलनाडु में गरमाई सियासत

 Written By: Kajal Kumari
 Published : Sep 08, 2026 09:33 pm IST,  Updated : Sep 08, 2026 09:33 pm IST

तमिलनाडु विधानसभा में जबड़ा को लेकर सियासत चरम पर है। सीएम विजय ने स्टालिन को लेकर ऐसा इशारा किया जिससे विपक्ष उनपर चौतरफा जुबानी हमला करने लगा। फिर विजय ने इसपर अपनी सफाई दी।

तमिलनाडु में सियासत - India TV Hindi
तमिलनाडु में सियासत

तमिलनाडु में जबड़े को लेकर सियासत चरम पर है। विधानसभा में TVK और विपक्षी DMK के बीच तीखी बहस का मुख्य मुद्दा इमरजेंसी के दौरान MISA (मेंटेनेंस ऑफ़ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट, 1971) के तहत तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की गिरफ़्तारी का गूंज सुनाई दी। इस वजह से विधानसभा में ज़ोरदार विरोध हुआ, स्पीकर के साथ गतिरोध पैदा हुआ और स्टालिन ने सदन के कामकाज के तरीके पर तीखी टिप्पणी की। इस बहस की शुरुआत मुख्यमंत्री विजय ने की, उन्होंने सोमवार को स्टालिन पर ज़ोरदार हमला किया। उन्होंने स्टालिन के टूटे हुए जबड़े की ओर इशारा भी किया, जिसकी सभी पार्टियों के विपक्ष ने निंदा की और इसे 'बॉडी-शेमिंग' करार दिया। विजय ने कहा कि यह अनजाने में हुई बॉडी लैंग्वेज थी।

सीएम विजय ने क्या कहा

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनके हाव-भाव अनजाने में थे और उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। X पर एक पोस्ट में विजय ने कहा, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि 7.9.2026 को विधानसभा में पुलिस विभाग के अनुदान अनुरोध पर अपने जवाब के दौरान, मेरे हाव-भाव, जो अनजाने में सामने आए, किसी भी तरह से जानबूझकर नहीं थे। इसलिए, मेरा अनुरोध है कि इसे किसी की भावनाओं को व्यक्तिगत स्तर पर ठेस पहुंचाने के इरादे से की गई हरकत के रूप में न देखा जाए।"

विधानसभा में क्या हुआ था
सीएम विजय ने स्टालिन की MISA के तहत गिरफ़्तारी पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा, "हमारे दोस्त हर बात पर MISA का ज़िक्र करते रहते हैं। पता नहीं अगर वे हर बात के लिए MISA ले आएं तो क्या होगा। सम्मानित बुज़ुर्गों, हर कोई उस MISA के इतिहास के बारे में जानता है।" पूर्व मुख्यमंत्री ने अक्सर इस गिरफ़्तारी का ज़िक्र किया है। ऐसा बोलते समय उन्होंने अपने दाहिने हाथ की हथेली को अपने जबड़े पर रखा। इस इशारे को व्यापक रूप से स्टालिन के टूटे हुए जबड़े की ओर इशारा माना गया और जिसकी विपक्ष ने एकमत से 'बॉडी-शेमिंग' कहकर निंदा की।

विपक्ष ने सीएम विजय की क्यों आलोचना की
स्टालिन के टूटे हुए जबड़े की ओर इशारा करते हुए विजय के हाव-भाव की विपक्षी नेताओं ने कड़ी आलोचना की। DMK विधायकों ने स्पीकर JCD प्रभाकर के चैंबर के बाहर धरना दिया और मांग की कि विजय की टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटा दिया जाए, जब तक कि मार्शल ने उन्हें जबरन बाहर नहीं निकाल दिया।

CPM के P षणमुगम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "यह एक सर्वविदित ऐतिहासिक तथ्य है कि भारत में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए भारी संघर्ष हुए, साथ ही दमन और ज्यादतियां भी हुईं। उस समय, पूर्व मुख्यमंत्री थिरु MK स्टालिन पर पुलिस ने बेरहमी से हमला किया था, जिसके परिणामस्वरूप उनका जबड़ा टूट गया था। किसी के शारीरिक रूप-रंग का मजाक उड़ाना निंदनीय है, चाहे कोई भी ऐसा करे; मुख्यमंत्री का खुद ऐसा करना गैर-जिम्मेदाराना हरकत है।"

ये भी पढ़ें:
तमिलनाडु के सीएम थलापति विजय ने विधानसभा की पुरानी परंपरा तोड़ी, मंत्रियों की कुर्सी पर जा बैठे

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत