कानपुर: आज यहां आरएसएस के प्रांत प्रचारकों का सालाना प्रशिक्षण शिविर शुरु होने जा रहा है जिसे यूपी विधान सभा चुनाव को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ये शिविर 6 दिन तक चलेगा।
कानपुर में गंगा किनारे प्रशिक्षण शिविर में 41 प्रांत प्रचारक संघ हिस्सा ले रहे हैं। प्रांत प्रचारकों की ये बैठक हर 5 साल पर होती है। शिविर में संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा सरकार्यवाह सुरेश सोनी, गोपाल कृष्ण, दत्तात्रेय होसबोले समेत संघ के सभी बड़े अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में प्रांत प्रचारकों के कामों की समीक्षा की जाएगी। इस 6 दिन के कार्यक्रम में कुल 150 स्वयंसेवक शामिल होंगे, जिसमें 75 सह प्रांत प्रचारक भी होंगे।
प्रांत प्रचारकों के रिपोर्ट कार्ड पर चर्चा
संघ की ये सांगठनिक और वैचारिक बैठक है जो कि अनौपचारिक है इसलिए संघ इसमें कोई प्रस्ताव न तो लाएगा न ही कोई प्रस्ताव पास करेगा। लेकिन संगठन में फैसले के लिहाज से काफी महत्त्वपूर्ण बैठक होगी इसमें लिए गए फैसले यूपी चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे। इस शिविर देशभर से आए प्रचारक और सह प्रचारक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के सामने रिपोर्ट कार्ड रखेंगे।
एजेंडा स्पष्ट नहीं लेकिन सुनी जा सकती है यूपी चुनाव की धमक
हालंकि शिविर का एजेंडा अभी तक स्पष्ट नहीं है लेकिन उत्तर प्रदेश चुनाव के पहले संघ का यह सबसे बड़ा शिविर इस बात की ओर ज़रुर इशारा करता है कि उत्तर प्रदेश चुनाव शिविर के एजेंडे में प्रमुख रूप से होगा।
RSS मुसलमानों से कैसा राष्ट्र प्रेम चाहता है- ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल
इस बीच ऑल इंडिया उलेमा काउंसिल ने RSS से पूछा है कि वो मुसलमानों से कैसा राष्ट्र प्रेम चाहता है। ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल ने रविवार को मोहन भागवत से मिलने का समय मांगा हैसाथ ही एक पत्र सौंपकर आरएसएस प्रमुख से सवाल पूछे हैं। इसमें धर्म परिवर्तन पर आरएसएस का विचार, आरएसएस क्या देश को हिंदू राष्ट्र बनना चाहता है, इस्लाम से संघ क्या चाहता है आदि सवाल पूछे गए हैं।