कर्नाटक के गृह मंत्री के. जे. जॉर्ज के इस्तीफ़ा मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया आज दोपहर साढ़े बारह प्रेस कॉन्फरेंस करेंगे। वहीँ जॉर्ज ने मडिकेरी कोर्ट के फैसले को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। डीएसपी गणपति सुसाइड मामले में जॉर्ज के खिलाफ FIR दायर करने के निचली अदालत के फैसले को वरिष्ठ वकील रामजेठमलानी आज या कल कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।
डीएसपी एमके गणपति आत्महत्या मामले में घिरे कर्नाटक के मंत्री केजे जॉर्ज ने सोमवार को इस्तीफ़ा दिया था। इससे पहले कोर्ट ने इस मामले में मंत्री और दो वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफ़आइआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए केजे जॉर्ज ने कहा " मैं गणपति की ख़ुदकुशी का क़ुसूरवार नहीं हूं। मुझे न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है। न्यायालय ने जांच के आदेश दिए हैं, मुझे भरोसा है कि ये एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होगी इसलिए मैं स्वेच्छा से अपना इस्तीफ़ा दे रहा हूं।''
सात जुलाई को एक स्थानीय टीवी चैनल के साथ साक्षात्कार में गणपति ने कहा था कि उनके साथ अगर कुछ होता है, तो उसके लिए मंत्री, आइजी (इंटेलीजेंस) एएम प्रसाद और आइजीपी (लोकायुक्त) प्रणब मोहंती जिम्मेदार होंगे। उसके कुछ ही देर बाद मेदिकरी के एक लॉज के कमरे में डीएसपी एमके गणपति की लाश पंखे से लटकी मिली थी।
डीएसपी एमके गणपति का आरोप था कि केजे जॉर्ज ने उन्हें तब प्रताड़ित किया था जब वो राज्य के गृहमंत्री थे। वो इस वक़्त बेंगलुरु शहर विकास मंत्री के पद पर थे।
ख़ुदकुशी के बाद गणपति के परिवार ने पहले पुलिस से मामला दर्ज करने को कहा था. पुलिस ने तीनों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। इसके बाद नेहाल ने कोर्ट से मंत्री और दो आइपीएस अधिकारियों एएम प्रसाद और प्रणब मोहंती के ख़िलाफ़ पिता को आत्महत्या के लिए उकसाने की जांच का आदेश देने की मांग की थी।
इस बीच विपक्षी दलों BJP और JDS ने पहले ही साफ़ कर दिया है कि सिर्फ जॉर्ज के इस्तीफ़े से वे चुप होने वाले नहीं हैं। मामले की जाँच CBI को सौंपे तक सौंपे जाने तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा।