नई दिल्ली: दिल्ली में BJP के पूर्व राष्ट्रीय संगठन महामंत्री संजय जोशी के समर्थको नें पोस्टर लगा कर विवाद खड़ा कर दिया है। पोस्टर के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा गया है। पोस्टर में पाकिस्तान को रमजान की बधाई देने को लेकर प्रधानमंत्री पर निसाना साधा है। जोशी के समर्थकों का कहना है कि प्रधानमंत्री पाकिस्तान और बांग्लादेश से बातचीत कर सकते हैं तो फिर संजय जोशी से क्यों नहीं।
क्या लिखा है पोस्टर में
होर्डिंग में लिखा हुआ है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश को देते हो रमजान की बधाई सुषमा, आडवाणी, संजय जोशी ,राजनाथ, गडकरी, मुरली मनोहर जोशी, वसुंधरा के लिए मन में है खटाई। इतना ही नहीं नीचे लिखा है ना संवाद, ना मन की बात ,ना सबका साथ, ना सबका विकास फिर क्यों करे जनता आप पर विश्वास?
कहा कहा लगाए गए है पोस्टर
सबसे बड़ी बात यह है कि इन पोस्टरों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय 7-RCR, बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यालय के नजदीक लगाए हैं। इसके अलावा भी कई जगहों पर भी संजय जोशी के पोस्टर लगाए गए हैं।
होर्डिंग में एक ओर अमित शाह के साथ नरेंद्र मोदी का फोटो लगाया गया है वहीं दूसरी ओर संजय जोशी को पोस्टर में अकेले खड़ा दिखाया गया है। निवेदक के रूप में नीचे कई लोगों का नाम लिखा गया है। यह होर्डिंग विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के घर के बाहर लगाए गए हैं।
पहले भी लगाए गए थे पोस्टर
यह पहली बार नहीं है जब संजय जोशी के समर्थकों ने इस प्रकार के पोस्टर लगाए हैं। इससे पहले अप्रैल में फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की यात्रा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश लौटते ही उनके घोर विरोधी माने जाने वाले बीजेपी नेता संजय जोशी के समर्थकों ने पोस्टर वार किया था। तब ये पोस्टर बीजेपी मुख्यालय, लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के घर के बाहर लगाए गए थे। उन पोस्टरों और होर्डिंग्स में संजय जोशी की घर वापसी की मांग की गई थी। जबकि विवाद बढ़ने पर उन पोस्टरों को तुरंत हटा लिया गया था।
इससे पहले लगाए गए पोस्टरों और होर्डिंग्स पर संजय जोशी की घर वापसी की मांग के साथ-साथ लिखा था, ‘अगर सबसे होती है मन की बात तो फिर सुनो हमारे भी मन की बात।’ होर्डिंग्स पर लिखा था ‘सबका साथ सबका विकास तो फिर क्यों नहीं संजय जोशी का साथ?’