केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने महाराष्ट्र में तीन साल पहले बुद्धिजीवी और अंधविश्वास-विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के मामले में एक डॉक्टर को मुख्य षडयंत्रकारी बताया है। सीबीआई ने आरोप-पत्र में हिन्दूवादी संगठन सनातन संस्था से जुड़े डॉक्टर वीरेंद्र सिंह तावड़े का नाम मुख्य षडयंत्रकारी के रूप मं दर्ज किया गया है। तावड़े को इसी साल जून माह में पिछले साल हुई वाम राजनेता गोविंद पनसारे की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
नरेंद्र दाभोलकर की हत्या 20 अगस्त, 2013 को पुणे में उनके घर के पास उस समय गोली मारकर की गई थी जब वह सुबह सैर करने निकले थे। उन पर चार गोलियां दागी गईं, जिनमें से दो गोलियां उनके सिर के पिछले हिस्से में लगीं।
गौरतलब है कि दाभोलकर की हत्या से कुछ ही दिन पहले महाराष्ट्र सरकार ने अंधविश्वास-विरोधी कानून लाने का आश्वासन दिया था जबकि कई दक्षिणपंथी संगठन उसे 'हिन्दू विरोधी' बताकर उसका विरोध कर रहे थे। नरेंद्र दाभोलकर इस तरह के कानून के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे।