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कन्हैया कुमार को CPI ने में मिला बड़ा प्रमोशन, वरिष्ठ नेता डी राजा बने महासचिव

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 22, 2019 02:17 pm IST,  Updated : Jul 22, 2019 02:17 pm IST

लोकसभा चुनावों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर बिहार के बेगूसराय से ताल ठोकने वाले कन्हैया कुमार को पार्टी ने अहम जिम्मेदारी दी है।

Kanhaiya Kumar elevated to CPI’s top decision-making body | Facebook- India TV Hindi
Kanhaiya Kumar elevated to CPI’s top decision-making body | Facebook

नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर बिहार के बेगूसराय से ताल ठोकने वाले कन्हैया कुमार को पार्टी ने अहम जिम्मेदारी दी है। कन्हैया को पार्टी के लिए अहम फैसले लेने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कन्हैया के अलावा 2 अन्य लोगों को भी जगह दी गई है। आपको बता दें कि लोकसभा चुनावों में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया को बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने मात दी थी।

शमीम फैजी की जगह शामिल हुए कन्हैया

कन्हैया कुमार को पार्टी के वरिष्ठ नेता शमीम फैजी की जगह कार्यकारिणी में शामिल किया है। फैजी का हाल ही में निधन हो गया था। बेगूसराय से पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार रहे कन्हैया ने चर्चा खूब बटोरी थी, लेकिन वह गिरिराज सिंह के सामने नहीं टिक पाए। गिरिराज ने चुनावों में कन्हैया को 2.5 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था। हालांकि उन चुनावों में कन्हैया भी लगभग 3.5 लाख वोट पाने में कामयाब रहे थे। चुनावों के बाद से ही ऐसी उम्मीद थी कि उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी जाएगी।

CPI के नए महासचिव बने डी. राजा
राज्यसभा सदस्य डी राजा को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) का महासचिव नियुक्त किया गया है। स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने वाले एस. सुधाकर रेड्डी की जगह लेने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता राजा ने कहा कि ‘पश्चगामी’ ताकतों के खिलाफ पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘देश (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी के फासीवादी शासन में संकटपूर्ण दौर से गुजर रहा है। वाम शक्तियां भले ही लोकसभा चुनाव में सीट हार गई हों और संसद में घटकर छोटी ताकत रह गई हों लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम देश में सिमट गए हैं या हमारा वैचारिक एवं राजनीतिक प्रभाव सिकुड़ गया है।’

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