नई दिल्ली: बीआरटी कॉरिडोर को हटाने में अनियमितताओं के दिल्ली भाजपा के आरोपों पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने आज लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग के दफ्तरों पर छापे मारे जिसके बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार को दिल्ली सरकार के सभी पदाधिकारियों को जेल में डालने की चुनौती दे दी।
भाजपा के विवादास्पद विधायक ओ पी शर्मा ने पार्टी कार्यकर्ता और वकील विवेक गर्ग के साथ मिलकर एसीबी में एक शिकायत दर्ज कराई थी और परियोजना में करीब 15 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। जिसके दो दिन बाद आज एसीबी की औचक कार्रवाई सामने आई। छापों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बहाल करने के उच्चतम न्यायालय के आज के आदेश से कोई सबक नहीं लिया है।
सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘मैंने जनता की मांग पर बीआरटी को हटाना शुरू किया था। हम जनता के फर्ज के लिए गर्व से जेल जाएंगे।’ उन्होंने कहा, आप जनता की भावनाओं को नहीं समझते। आप अदालतों के तमाचे को नहीं समझते। मोदीजी हम सभी को जेल में डाल दीजिए। फिर भी आप सच को सामने आने से नहीं रोक पाएंगे। एसीबी प्रमुख एम के मीणा ने कहा, शिकायत के आधार पर कुछ दस्तावेज प्राप्त करने के लिए टीमों को भेजा गया है।
दिल्ली के परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निविदा 3.91 करोड़ रुपये की थी और ठेकेदार को 3.1 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सिसोदिया ने कहा, एसीबी ने बीआरटी कॉरिडोर को समाप्त करने के सिलसिले में पीडब्ल्यूडी के दफ्तर पर छापा मारा। 6.2 किलोमीटर लंबे बीआरटी कॉरिडोर को तोड़कर हटाने का काम इस साल जनवरी में शुरू किया गया था। आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी वादों में 2008 में 180 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गयी इस परियोजना को तोड़ने का वादा किया था।