नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने मंगलवार को पार्टी के संस्थापक कांशीराम को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने की मांग की। मायावती ने राज्यसभा में कहा, "मैं आज कांशीराम के जन्मदिवस के मौके पर सरकार से अनुरोध करती हूं कि उन्हें गरीब और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों के उत्थान के लिए दिए उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाए। सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "माननीय कांशीराम ने कमजोर वर्ग के लोगों को उनके पैरों पर खड़े करने में मदद करने के लिए जीवनर्पयत काम किया।"
मायावती ने कहा, चाहे कांग्रेस पार्टी हो या अन्य विरोधी पार्टियां, सभी ने कांशीराम जी के संघर्ष का विरोध किया। बहुजन समाज के वोट लेने के लिए कांग्रेस बीजेपी में होड़ मची रहती है। जब वो जिंदा थे, वो हमेशा उनके खिलाफ रहे। केजरीवाल सरकार को निशाने पर लेते हुए मायावती ने कहा कि कुछ अखबारों में दिल्ली सरकार ने विज्ञापन दिए हैं। वोट लेने के लिए अखबारों में एड देने की होड़ मची हुई है।
मायावती ने कहा, बीजेपी अंबेडकर जयंती पर क्या क्या नाटक कर रही है। एक तरफ किस्म किस्म के कार्यक्रम करती है। बाबा साहेब के आरक्षण को लेकर डबल माइंड है। RSS आरक्षण को लेकर कुछ न कुछ कहता रहता है।
कांशीराम (15 मार्च 1934 – 9 अक्टूबर 2006) भारतीय राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उन्होंने भारतीय वर्ण व्यवस्था में अछूतों और दलितों के राजनीतिक एकीकरण तथा उत्थान के लिए कार्य किया। इसके अन्त में उन्होंने दलित शोषित संघर्ष समिति, 1971 में अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदायों कर्मचारी महासंघ (बामसेफ) और 1984 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की स्थापना की।