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शीला को CM कैंडीडेट बनाना ब्राह्मणों की आंखों में धूल झोंकने जैसा: मायावती

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 15, 2016 06:29 pm IST,  Updated : Jul 15, 2016 06:29 pm IST

मायावती ने कहा कांग्रेस नेता शीला को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना ब्रामण समाज की आंखों में धूल झोंकने जैसा है।

Mayawati
- India TV Hindi
Mayawati Image Source : PTI

लखन: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने पूर्व सांसद राज बब्बर को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने को अंधेरे में चलाया गया तीर बताते हुए आज कहा, यह प्रयास सर्वसमाज के साथ-साथ प्रदेश के ब्रामण समाज की आंखों में धूल झोंकने जैसा है।

मायावती ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि दिल्ली में अपना ज़्यादातर राजनीतिक जीवन गुजारने वाली कांग्रेस नेता शीला को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना वास्तव में नाराज चल रहे ब्रामण समाज की आंखों में धूल झोंकने जैसा है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी सत्ता में आना तो दूर उसके करीब भी नहीं दिख रही है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह विभिन्न पार्टियों में चक्कर लगाने के बाद कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वाले राज बब्बर को प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष बनाना वास्तव में प्रदेश में कांग्रेस की खस्ताहाल और दिवालिएपन को दर्शाता है। इस प्रकार की नियुक्तियों से आगामी विधानसभा आमचुनाव में कांग्रेस को कोई फायदा नहीं मिलेगा।

बसपा मुखिया ने कहा कि कांग्रेस ने राज बब्बर को प्रदेश अध्यक्ष और शीला को पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करके जो अंधेरे में तीर चलाया है उसका चूकना निश्चित है। मायावती ने कांग्रेस, भाजपा और सपा पर ब्रामणों की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में बसपा ही अकेली ऐसी पार्टी है जिसने इस समाज के लोगों को पार्टी संगठन में जगह दी और सरकार बनने पर भी भरपूर आदर-सम्मान दिया और चुनाव मैदान में भी काफी बड़ी संख्या में उतार कर उन्हें पुनर्जीवित किया।

मायावती ने कहा कि जब प्रदेश का ब्रामण समाज आदर-सम्मान के लिए दूसरी पार्टियों से कहीं ज़्यादा बसपा नेतृत्व पर भरोसा करता है, ऐसे समय में कांग्रेस द्वारा शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करके आगे करना इस समाज की आंखों में धूल झोंकने के सिवाय और कुछ नहीं है।

शीला पर हमला करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा, यह वही शीला दीक्षित हैं जिन्होंने दिल्ली के विकास के नाम पर खासकर दलितों, पिछड़ों, ग़रीबों आदि के हित और कल्याण हेतु बजट के धन को सही जगह खर्च नहीं करके उसे अन्य ग़ैर-जरूरी काम पर खर्च किया और साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के कई मामले भी इनके पर लम्बित हैं।

उन्होंने कहा, दिल्ली के भ्रष्टाचार-निरोधक ब्यूरो ने तो शीला को हाल ही में दिल्ली जल बोर्ड के टैंकर खरीद घोटाले मामले में समन जारी किया है। ऐसे नेतृत्व से उत्तर प्रदेश की आमजनता का क्या भला होने वाला है, यह सोचने वाली बात है।

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