राज्य सभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कश्मीर पर चर्चा के दौरान कहा कि हममें से कोई हिंसा का समर्थन नहीं करता लेकिन आतंकवादी और आम जनता के साथ बर्ताव में अंतर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद को खत्म करने में सरकार के साथ हैं लेकिन इस तरह से हम आपके साथ नहीं हैं।
आज कश्मीर में बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से पिछले 10 दिन से जारी हिंसा पर राज्यसभा में भी चर्चा हुई। राज्यसभा में कश्मीर में हिंसा पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने पूछा कि जिस तरह से गोलियों का इस्तेमाल किया गया, पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया क्या वह सही है। कश्मीर से जो व्हाट्सएप पर तस्वीरें आ रही हैं वो हम आप देख नहीं सकते। उन्होंने उस बच्चे की स्थिति के बारे में सदन को बताया जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
आजाद ने कहा, 2008 से क्यों ज्यादा बढ़ा आतंकवाद। ये चिंता का विषय है। घाटी में ऐसी कोई जगह नहीं बची जहां स्थिति खराब नहीं दिख रही।
उन्होंने कहा, कि सारे हॉस्पिटल भरे हुए हैं। 1800 के करीब लड़के, औरतें मर्द जख्मी हैं। पैलेट गन का शिकार हुए हैं। गोलियों से शिकार हुए हैं। ये आज तक नहीं हुआ। हरियाणा में भी बड़े पैमाने पर सेना ने कार्रवाई की लेकिन इस तरह से लोग नहीं जख्मी हुए। कश्मीर में 10 दिन से कर्फ्यू जारी है। हिंसा में अबतक 42 लोग मारे गए हैं।