1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. उत्तराखंड राष्ट्रपति शासन पर संसद में विपक्ष का सामना करेगी मोदी सरकार

उत्तराखंड राष्ट्रपति शासन पर संसद में विपक्ष का सामना करेगी मोदी सरकार

 Written By: Bhasha
 Published : Apr 24, 2016 02:19 pm IST,  Updated : Apr 24, 2016 02:19 pm IST

संसद के सोमवार से शुरू हो रहे सत्र के हंगामेदार रहने और विपक्षी पार्टियों की ओर से मोदी सरकार पर देश के संघीय ढांचे पर हमला होने का आरोप लगाए जाने की उम्मीद है।

harish rawat- India TV Hindi
harish rawat

नई दिल्ली: उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के मुद्दे पर विपक्ष के हमले सह रही मोदी सरकार ने संसद में विरोधियों से सीधी टक्कर लेने और कांग्रेस, जनता पार्टी एवं संयुक्त मोर्चा के दौर में राज्यों पर लगाए गए राष्ट्रपति शासन के उदाहरण रखने का फैसला किया है।

संसद के सोमवार से शुरू हो रहे सत्र के हंगामेदार रहने और विपक्षी पार्टियों की ओर से मोदी सरकार पर देश के संघीय ढांचे पर हमला होने का आरोप लगाए जाने की उम्मीद है। ऐसे में सदन में सरकारी पक्ष की व्यवस्था संभालने वालों ने ढीठाई बरतने और अतीत में सरकारों की ओर से अनुच्छेद 356 के उपयोग के विशिष्ट मामलों की मिसाल पेश कर पलट वार करने का फैसला किया है।

इसके साथ ही, सरकार उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की कार्रवाई का बचाव करेगी और कहेगी कि संवैधानिक संकट के आलोक में यह कदम उठाया गया।

संसद के बाहर, भाजपा के प्रवक्ता भी यही लाइन अपनाएंगे और कहेंगे कि मतविभाजन की नौ विद्रोही कांग्रेस विधायकों की मांग को नजरअंदाज कर विनियमन विधेयक के पारित होने की घोषणा कर अनुचित व्यहवार किया गया।

सूत्रों के अनुसार, सरकार यह तथ्य पेश करेगी कि 1951 से ले कर अब तक 111 बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया और कांग्रेस तथा कांग्रेस समर्थित सरकारों ने 91 बार राष्ट्रपति शासन लगाया।

उम्मीद की जा रही है कि सरकार पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से ले कर नरेन्द्र मोदी तक राष्ट्रपति शासन लगाए जाने से जुड़े आंकड़े पेश करेगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत।