नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र की सोमवार से शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उम्मीद जतायी कि संसद के मानसून सत्र के दौरान सभी पार्टियां कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगी ताकि देश को नयी दिशा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किये जा सकें। उन्होंने इस सत्र के बेहतर संचालन में विपक्ष से सहयोग की उम्मीद जताई।
संसद के आज से शुरू मानसून सत्र के 70वें स्वतंत्रता दिवस से कुछ समय पहले आरंभ होने का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सदन में उच्च स्तर की चर्चा होगी। प्रधानमंत्री ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि पिछले कुछ दिनों में सभी दलों के साथ चर्चा के आधार पर मिजाज अच्छे निर्णय करने का है ताकि देश को तेज गति से विकास के पथ पर आगे ले जाया जा सके।
PM मोदी ने लोकसभा में अपने मंत्रियों का परिचय कराया
पीएम मोदी ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आज दोनों सदनों में अपनी मंत्रिपरिषद के नए मंत्रियों का सदन से परिचय कराया। प्रधानमंत्री ने गत 5 जुलाई को हुए अपनी मंत्रिपरिषद के विस्तार में 19 नए चेहरों को शामिल किया है। परंपरा के अनुसार, मोदी ने सत्र के पहले दिन लोकसभा और फिर राज्यसभा में अपने नए सहयोगियों का परिचय कराया। वर्तमान सदस्य दलपत सिंह परस्ते के निधन के चलते लोकसभा की कार्यवाही दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में मायावती ने उठाया दलितों का मुद्दा, कार्यवाही स्थगित
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को राज्यसभा में गुजरात में दलितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया, जिस पर सदन में हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित हुई। मायावती ने राज्यसभा में कहा, "जबसे भाजपा सत्ता में आई है। देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़े हैं।" उनके ऐसा कहते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया, जिसके कारण सभापति ने 10 मिनट के लिए दोपहर 12.13 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।