तिरूवनंतपुरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल की अपनी पहली यात्रा करेंगे जो मुख्यमंत्री ओमन चांडी के यह कहने पर पहले ही विवाद में आ गयी है कि एझवा समुदाय के एक संगठन द्वारा उन्हें एक कार्यक्रम से दूर रखा जा रहा है जहां प्रधानमंत्री मौजूद होंगे। प्रधानमंत्री मंगलवार को देश के सबसे बड़े विमानवाहक आईएनएस विक्रमादित्य पर कम्बाइंड ट्राई सर्विसेज के कमांडरों के एक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। बाद में मोदी पिछड़ा समुदाय एझवा के दो कार्यक्रमों में शामिल होंगे जिसे अगले साल शुरू में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें आकर्षित करने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। मोदी केरल के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत आर शंकर की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। एझवा समुदाय के जाने माने नेता शंकर ने श्री नारायण धर्म परिपालना योगम :एसएनडीपी: और केरल कांग्रेस की अगुवाई की थी।
लेकिन यह अनावरण कार्यक्रम एसएनडीपी महासचिव वेल्लापल्ली नातेसन द्वारा कथित रूप से मुख्यमंत्री ओमन चांडी को इस कार्यक्रम से दूर रहने को कहे जाने के बाद विवादों में आ गया है। चांडी स्वयं ही एक प्रेस नोट में यह कहते हुए यह मुद्दा सामने लाये हैं कि वह इस कार्यक्रम में नहीं जायेंगे क्योंकि नातेसन ने उनसे कार्यक्रम में नहीं आने का अनुरोध किया है। एसएनडीपी के फैसले से चांडी दुखी हैं। वैसे नातेसन ने चांडी को इस कार्यक्रम से दूर रहने का अनुरोध किये जाने की वजह नहीं बतायी है। चांडी पहले ही प्रधानमंत्री कार्यालय को सूचित कर चुके हैं कि वह इस कार्यक्रम में शिरकत नहीं करेंगे।
संसद में केरल के मुख्यमंत्री के अपमान का मुद्दा उठा सकती है कांग्रेस
केरल के मुख्यमंत्री को आमंत्रित नहीं करने के कथित अपमान का मुद्दा कांग्रेस संसद में उठा सकती है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने इसे ओछेपन की हद बताया और कहा कि प्रधानमंत्री को खुद ही इस कार्यक्रम से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा, यह ओछेपन की हद है। यह मुख्यमंत्री के संवैधानिक पद का अनादर है। प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए और समारोह में जाने से मना कर देना चाहिए क्योंकि इस हरकत से केरल के दिवंगत मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री का अपमान हुआ है। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस संसद में मुद्दा उठाएगी , सिंघवी ने कहा , हमारे पास सभी विकल्प खुले हैं।