नई दिल्ली: रविवार को पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के बलिया पहुंचकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इस योजना का मक़सद देशभर में क़रीब पांच करोड़ बीपीएल परिवारों को मुफ़्त एलपीजी कनेक्शन देना है। उज्ज्वला योजना को लेकर गरीब तबकों में खासा उत्साह है। लोगों का कहना है कि एलपीजी सिलेंडर मिल जाने से गरीबों के घर की रसोई भी धुआं मुक्त हो जाएगी।
उन्होंने भोजपुरी में अपने भाषण की शुरुआत की और फिर कहा कि मैं मंगल पांडे की भूमि को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि अब मजदूरों की आवश्यकताएं बदल गई हैं और इस पर ध्यान देने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि इस उज्जवला योजना से देश को बहुत फायदा होगा और गरीब महिलाएं भी रसोई गैस का इस्तेमाल कर पाएंगी। उन्होंने कहा कि बलिया के प्रेम का कर्ज यहां का विकास कर चुकाऊंगा।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने श्रमिकों के हित में श्रम कानूनों में आमूल चूल परिवर्तन किया। जिन श्रमिकों को 15-20 रुपये तक पेंशन मिलती थी, उन्हें अब न्यूनतम एक हजार रुपये पेंशन की व्यवस्था की है। पीएम ने गाजीपुर के पूर्व सांसद विश्वनाथ गहमरी को याद किया जिन्होंने नेहरू के प्रधानमंत्रित्वकाल में पूर्वांचल की पीड़ा संसद में रखी थी। तब तमाम सांसदों की आंखों में आंसू आ गए थे।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश का मजदूर नंबर वन हूं। मजदूरों को एक करने की आवश्यकता है। हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मैंने सेंट्रल हॉल में अपने पहले भाषण में कहा था कि हमारी सरकार गरीबों की सरकार है। दिल्ली में इस बार एनडीए की सरकार बनाई और मुझे पीएम पद के लिए चुना। आपने जो प्यार मुझे दिया है, उसका कर्ज मैं विकास करके चुकाऊंगा।