नई दिल्ली: कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार के रूप में अपनी वरिष्ठ नेता और तीन कार्यकाल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित को चुना है। गुलाम नबी आजाद गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर शीला दीक्षित के नाम की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। इसे लेकर आजाद और राज बब्ब र की दिल्लीक में मीटिंग चल रही है। कहा जा रहा है कि प्रदेश के 11 फीसदी ब्राह्मणों को लुभाने के लिए शीला दीक्षित परफेक्टी चेहरा हैं।
इससे पहले शीला दीक्षित ने भी जोर दिया कि उत्तर प्रदेश की पुत्रवधु के रूप में वह राजनीतिक रूप से इस महत्वपूर्ण राज्य में कोई भी भूमिका निभाने को तैयार हैं। यह पूछे जाने पर कि गांधी परिवार से करीबी और उनके ब्राह्मण होने का उन्हें लाभ मिला, उन्होंने कहा कि, मैं उत्तर प्रदेश की पुत्रवधु हूं। मेरा वहां विवाह हुआ है, मेरा वहां जन्म हुआ। मैं समझती हूं कि यह विश्वसनीयता के लिए पर्याप्त है।
इंडियन बुमेन प्रेस कार्पर् में संवाददाताओं से बातचीत में शीला ने कहा, पहले घोषणा होने दीजिए और तब मैं कोई टिप्पणी करने की स्थिति में होउंगी। लेकिन जमीनी कार्यकर्ता के रूप में पार्टी मुझसे जो भी करने के लिए कहेगी, उसके लिए मैं तैयार हूं। कांग्रेस पार्टी के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश चुनाव में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में ब्राह्मण चेहरे के पक्ष में है और समझा जाता है कि उन्होंने शीला दीक्षित का नाम सुझाया है।
कांग्रेस के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह पहला बार नहीं है जब कांग्रेस खराब दौर से गुजर रही है। शीला दीक्षित मूल रूप से पंजाब से हैं और वह उत्तर प्रदेश से दिग्गज कांग्रेस नेता उमाशंकर दीक्षित की पु़त्रवधु रही हैं जो काफी समय तक केंद्रीय मंत्री रहे थे।
शीला दीक्षित ने कहा, हमारे पास समय कम है। यही एक चिंता है। हालांकि सपा को छोड़कर भाजपा समेत किसी भी अन्य पार्टी ने सक्रियता से चुनाव अभियान शुरू नही किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या उत्तर प्रदेश चुनाव अभियान में प्रियंका गांधी सक्रियता से हिस्सा लेंगी, 78 वर्षीय शीला दीक्षित ने कहा कि वह बहुत बड़ी पूंजी होंगी और उनका स्वागत होगा। शीला ने कहा, मैं आपसे यह नहीं कह सकती कि क्या होगा। मेरी ओर से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। अगर वह शामिल होती हैं तब उनका स्वागत होगा क्योंकि वह उत्तर प्रदेश से अवगत है और बहुत बड़ी पूंजी होगी।
राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाये जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया कुछ ज्याद ही कल्पना कर लेती है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पार्टी की कार्य समिति और परिवार साथ लेगा। शीला दीक्षित ने पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी जिस दौरान बताया जाता है कि उन्हैं उत्तर प्रदेश में बड़ी भूमिका के संकेत मिले थे।