मुंबई: शिवसेना के अख़बार सामना ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के कार्यालय के बाहर तीन लोगों ने आत्महत्या करने की कोशिश पर महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस पर जमकर हमला बोला है। सामना ने लिखा है कि आत्महत्या के पीछे वजह भले ही व्यक्तिगत होगी लेकिन यह सब वजह लाल फीताशाही से अर्थात सरकारी यंत्रणा से सम्बंधित है।
यह घटना मंगलवार की है जब तीन लोगों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर आत्महत्या की कोशिश की।
सामना ने संपादकीय में लिखा कि दिलीप मोरे, दिनेश पड्याल और हीरालाल ठाकणे राज्य के अलग अलग क्षेत्रों से आते हैं। सरकार उनकी सहायता करने में नाकाम रही इसलिए उन्होंने मंत्रालय में घुसकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
सामना ने आगे लिखा कि राज्य में किसानों की आत्महत्या चिंता का विषय है। मराठवाड़ा, विदर्भ में हज़ारों किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। गरीब और बेरोजगार युवक भी आत्महत्या की राह चुन रहे हैं। सरकार को यह सब रोकना होगा। सरकारी स्तर पर कोशिश और घोषणाओं की बरसात होती होगी लेकिन सरकारी घोषणाएं लोगों तक नहीं पहुंच रहीं हैं। ऐसे में शिवसेना ने सवाल पूछा है कि सरकार बदले दो साल हो गए फिर भी दिन बदले हैं क्या ?