मुंबई: भाजपा के दिग्गज नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी का उदाहरण देते हुए शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाहौर की अचानक यात्रा की आलोचना करते हुए आज कहा कि पाकिस्तान के बहुत निकट जाने वाले नेताओं का राजनीतिक करियर नीचे की ओर चला गया है। शिवसेना ने कहा कि पड़ोसी देश की भूमि शापित है क्योंकि यह लाखों निर्दोष भारतीयों के खून से सनी है।
पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना में कहा, यह याद रखे जाने की आवश्यकता है कि इस प्रकार की अंधश्रद्धा है कि अतीत में पाकिस्तान के बहुत निकट होने की कोशिश करने वाले किसी भी राजनेता का राजनीतिक करियर बहुत ज्यादा नहीं चला। लाल कृष्ण आडवाणी एक बार मोहम्मद अली जिन्ना की मजार पर गए थे और उनकी प्रशंसा की थी। इसके बाद उनका राजनीतिक ग्राफ गिरने लगा और आज वह अलग थलग पडे़ हैं।
इसने कहा, वाजपेयी ने दोनों देशों के तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की कोशिश में लाहौर बस सेवा शुरू की और वह आगरा में जनरल परवेज मुशर्रफ से भी मिले। इसके बाद वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा सरकार कभी सत्ता में नहीं आई।
पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक पाकिस्तान जाने पर भाजपा की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने कहा, पूरा देश यह पूछ रहा है कि यदि कांग्रेस का कोई प्रधानमंत्री अचानक इस तरह लाहौर उतरा होता तो क्या भाजपा उसी तरह इस निर्णय का स्वागत करती जैसे उसने मोदी के मामले में किया है। पाकिस्तान की भूमि शापित है और इसे चूमना महंगा साबित होगा क्योंकि यह लाखों निर्दोष भारतीयों के खून से सनी है।