नांदेड़: अरूणाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय की ओर से दिए गए फैसलों का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में वह लोकप्रिय जनादेश का अनादर कर रही है और चुनी हुई सरकारें गिराने के लिए संविधान की धज्जियां उड़ा रही है।
उच्चतम न्यायालय की ओर से अरूणाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बहाल करने का आदेश दिए जाने के एक दिन बाद यहां पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा, सत्ता के लालच में मौजूदा सरकार ने भारत के संविधान के प्रावधानों की धज्जियां उड़ा दी हैं और जनादेश का अनादर कर उत्तराखंड एवं अरूणाचल प्रदेश की चुनी हुई सरकारें गिराई।
सोनिया कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री शंकर राव चव्हाण की प्रतिमा के अनावरण और उनके गृह नगर में उनके नाम पर एक पुस्तकालय के उद्घाटन के लिए नांदेड़ में हैं। उन्होंने कहा, आज यदि शंकर राव जीवित होते तो वह यह सब देखकर काफी दुखी होते और इन असंवैधानिक कदमों पर ऐतराज जताया होता। लेकिन हमें उच्चतम न्यायालय पर गर्व है, जिसने संविधान की भावना का संरक्षण किया और इन दोनों राज्यों में लोकतंत्र को बहाल किया।
शंकर राव को किसानों का सच्चा मसीहा करार देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राजग सरकार ने पिछली संप्रग सरकार के दौरान शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को कमजोर कर किसानों और कमजोर वर्गों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है।
सोनिया ने कहा, यह दुख की बात है कि किसानों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के लिए हमारी मनमोहन सिंह सरकार की ओर से शुरू की गई कल्याणकारी योजनाएं आज कमजोर की जा रही हैं। नतीजतन, लाखों परिवारों को इसके नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, मोदी सरकार को याद दिलाना होगा कि देश में सूखा पड़ा है। आपकी (मोदी सरकार की) नीतियों के कारण किसान अलग-थलग पड़ गए हैं।
सोनिया ने आरोप लगाया, आपने (मोदी सरकार ने) पूंजीवादियों के हजारों करोड़ रुपए के कर्ज माफ किए, लेकिन किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, भाजपा सरकार किसानों के कल्याण के लिए पिछले 60 साल में उठाए गए कल्याणकारी कदमों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की आवाज दबने नहीं देगी।
इस मौके पर मौजूद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शंकर राव के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए। सिंह ने कहा, जब चव्हाण योजना आयोग के उपाध्यक्ष थे तो मैंने योजना आयोग के सदस्य के तौर पर उनके साथ काम किया। नरसिम्हा राव सरकार में उनके कैबिनेट सहकर्मी के तौर पर भी मैंने उनके साथ काम किया, उस वक्त मैं वित्त मंत्री था और वह गृह मंत्री थे।
महाराष्ट्र और राष्ट्र के विकास में शंकर राव के अविस्मरणीय योगदान के लिए भी सिंह ने दिवंगत नेता की तारीफ की। शंकर राव की सेवाओं की सराहना करते हुए सोनिया ने कहा कि दिवंगत नेता अपनी प्रशासनिक सूझबूझ के लिए हेडमास्टर के तौर पर जाने जाते थे। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, पूर्व केंद्रीय मंत्री एस के शिंदे और राज्य के अन्य नेता मौजूद थे।