नई दिल्ली: जहां एक तरफ भारतीय खिलाड़ी 21 वें राष्ट्रमंडल खेलों में अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ा रहे हैं तो वहीं देश के अंदर अब इस मुद्दे पर भी राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने रविवार को ट्वीट करके केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर पर खेलों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। मनीष तिवारी ने एक कथित ई-मेल की स्क्रीनशॉट अपने ट्वीट के साथ शेयर करते हुए लिखा है कि क्या यह बड़े पैमाने पर खेल का राजनीतिकरण नहीं है।
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मनीष तिवारी ने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के कार्यालय का मेल शेयर किया है जिसमें स्पोर्ट्स फेडरेशन से यूपीए और एनडीए के दौरान खेलों में जीते गए पदकों की संख्या पूछी गई है। इस मेल को शेयर करते हुए मनीष ने लिखा है कि यूपीए की तुलना में पिछले चार साल में भारत ने कितने मेडल जीते। खिलाड़ी भारत के लिए मेडल जीतते हैं न कि एनडीए, बीजेपी या फिर यूपीए के लिए। शर्मनाक।
मनीष के इस ट्वीट पर बीजेपी के बागी सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने भी उनके समर्थन में ट्विट करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। कीर्ति ने लिखा कि हम देश का प्रतिनिधित्व करते हैं न कि राजनीतिक दल का। उन्होंने राठौर से पूछा कि जब आपने ओलंपिक में सिल्वर जीता था, तब किस पार्टी का प्रतिनिधित्व किया था। कितना शर्मनाक है ये सब। कीर्ति के ट्विट को रिट्वीट करते हुए मनीष ने उनसे आगे आकर इस सबका विरोध करने की अपील की।
कीर्ति ने लिखा कि यह समय आप जैसे खिलाड़ियों को आगे आकर इसका विरोध करना चाहिए। अब खेल और खिलाड़ियों का भी ध्रुवीकरण करने की कोशिश हो रही है। समाज पर इसका क्या असर पड़ेगा। जहां एक तरफ खेलों में मिल रही सफलता का श्रेय लेने की होड़ राजनीतिक पार्टियों में दिख रही है तो वहीं राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल शानदार प्रदर्शन कर रहा है। छठे दिन भारतीय दल 10 स्वर्ण पदक, 4 रजत और 5 कांस्य पदकों के साथ नंबर तीन पर अपनी जगह बनाए हुए हैं।