Highlights
- DMK संसद में CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के विपक्षी प्रस्ताव का समर्थन करेगी।
- पार्टी ने साफ किया कि समर्थन का मतलब INDIA ब्लॉक में वापसी नहीं है।
- कांग्रेस के टीवीके से गठबंधन को लेकर DMK और कांग्रेस के रिश्ते तनावपूर्ण हैं।
चेन्नई: द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी कि DMK ने मंगलवार को कहा कि वह संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्ष की ओर से लाए जाने वाले प्रस्ताव का समर्थन करेगी। हालांकि, पार्टी ने साफ किया कि वह I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। DMK के प्रवक्ता टीकेएस इलंगोवन ने कहा कि जब भी विपक्ष किसी मुद्दे पर बीजेपी का विरोध करेगा, उनकी पार्टी भी उसके साथ खड़ी होगी। बता दें कि ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत लगभग पूरा विपक्ष हमलावर है।
'हम I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा नहीं हैं'
टीकेएस इलंगोवन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्षी दल वैचारिक रूप से कई मुद्दों पर एक साथ खड़े हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी पार्टी I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा है। उन्होंने कहा,
'वैचारिक रूप से हम विपक्ष के लोग एक साथ खड़े हैं। हम I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा नहीं हैं। यह अलग बात है। लेकिन संसद में अगर कोई भी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाता है, तो हम उसका समर्थन करेंगे, क्योंकि हमारे नेता (DMK प्रमुख एमके स्टालिन) ने इस बारे में बयान जारी किया है।'
उन्होंने यह जवाब INDIA ब्लॉक की मौजूदा स्थिति और कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के बीच संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल पर दिया।
स्टालिन कर चुके हैं ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
बता दें कि DMK प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 23 सितंबर को ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। इसी बयान का हवाला देते हुए इलंगोवन ने कहा कि संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करने का मतलब यह नहीं है कि DMK दोबारा I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा बन गई है। विपक्षी दल पहले से ही ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस और DMK के बीच क्यों बढ़ी दूरी?
इलंगोवन ने कांग्रेस के साथ DMK के संबंधों को लेकर भी कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी DMK की तरह बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं और इसके पीछे कांग्रेस पार्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में टीवीके का साथ 'दो मंत्री पद पाने के लिए' दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह टीवीके के साथ आगे भी बनी रहेगी। इलंगोवन ने कहा,
'वे हमारे गठबंधन में नहीं हैं। हम उनका समर्थन कैसे कर सकते हैं? हम उनके बुलाई गई बैठक में कैसे जा सकते हैं?'
इलंगोवन ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने DMK को छोड़कर टीवीके के साथ गठबंधन करके गलती की।
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