1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. अखिलेश के बयान पर भड़की नीतीश की जेडीयू, किया पलटवार, जानें क्या कहा

अखिलेश के बयान पर भड़की नीतीश की जेडीयू, किया पलटवार, जानें क्या कहा

 Published : Oct 11, 2024 02:54 pm IST,  Updated : Oct 11, 2024 02:54 pm IST

राजीव रंजन प्रसाद ने अखिलेश यादव पर जेपी की जयंती के दिन ‘संकीर्ण राजनीति’ करने का आरोप लगाया और कहा कि जहां तक श्रद्धांजलि में रोके जाने का सवाल है तो उन्हें आधी रात के बजाय जयंती के दिन का चयन करना चाहिए था।

Nitish kumar, BIhar- India TV Hindi
नीतीश कुमार Image Source : FILE

नई दिल्ली:नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जनता दल (यूनाइटेड) ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया है। अखिलेश ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग हो जाने की नसीहत दी थी। इस पर जेडीयू ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार किया और परिवारवाद को लेकर उनपर निशाना साधा। जद (यू) ने कहा कि समाजवादी विचारक जयप्रकाश नारायण ने जिन जीवन मूल्यों को अपनाया, अगर अखिलेश यादव ने उसका लेस मात्र भी अपनाया होता तो समाजवादी पार्टी पर ‘एक परिवार’ का संपूर्ण आधिपत्य नहीं होता। 

NDA सरकार से समर्थन वापस लेने का आग्रह 

इससे पहले, अखिलेश यादव ने लखनऊ में जयप्रकाश नारायण की जयंती पर श्रद्धांजलि देने से ‘समाजवादियों’ को रोके जाने का आरोप लगाया था और बिहार के मुख्यमंत्री से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत NDA सरकार से समर्थन वापस लेने का आग्रह किया था। यादव बृहस्पतिवार रात जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) पहुंचे थे और प्रवेश रोकने के लिए टिन की चादरों से मुख्य द्वार बंद करने पर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की आलोचना की थी। 

उन्होंने कहा कि बहुत सारे ‘समाजवादी’ लोग हैं, जो सरकार का हिस्सा हैं और व्यवस्था को चलाने में शामिल हैं। यादव ने कहा, “बिहार के मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) भी समय-समय पर जयप्रकाश नारायण जी के बारे में बात करते रहते हैं, वास्तव में वह जेपी के आंदोलन से ही (एक राजनेता के रूप में) उभरे हैं। यह एक मौका है कि उन्हें उस सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिए, जो समाजवादियों को जयप्रकाश की जयंती पर उन्हें याद करने से रोक रही है।” 

अखिलेश की टिप्पणी ‘हैरतअंगेज’ 

जद (यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने अखिलेश यादव की इस टिप्पणी को ‘हैरतअंगेज’ करार दिया और नसीहद दी कि उन्हें लोकनायक को केवल श्रद्धांजलि तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘जीवन मूल्यों के लिए जयप्रकाश नारायण आजीवन संघर्षरत रहे। उन्होंने संपूर्ण क्रांति की अवधारणा दी। उन्होंने परिवारवाद, वंशवाद और व्यवस्था परिवर्तन को लेकर जो आह्वान किया, अगर लेस मात्र भी अखिलेश यादव ने उन जीवन मूल्यों को तरजीह दी होती तो समाजवादी पार्टी पर एक परिवार का संपूर्ण आधिपत्य नहीं दिखता।’’ 

संकीर्ण राजनीति’ का आरोप 

राजीव रंजन प्रसाद ने अखिलेश यादव पर जेपी की जयंती के दिन ‘संकीर्ण राजनीति’ करने का आरोप लगाया और कहा कि जहां तक श्रद्धांजलि में रोके जाने का सवाल है तो उन्हें आधी रात के बजाय जयंती के दिन का चयन करना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे महामानवों की स्मृति में जब भी कोई दिवस आयोजित किए जाते हैं तो जनता ऐसी संकीर्ण राजनीति पसंद नहीं करती है।’’ 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत