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उत्तराखंड पंचायत चुनाव: एक-एक वोट के लिए तरसे सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर, 1.5 लाख सब्सक्राइबर वाली दीप्ति को 55 वोट

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Aug 01, 2025 01:55 pm IST,  Updated : Aug 01, 2025 01:55 pm IST

पंचायत चुनाव में कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन यहां उन्हें हकीकत का सामना करना पड़ा। 1.5 लाख यूट्यूब सब्सक्राइबर वाली दीप्ति को सिर्फ 55 वोट मिले।

Deepa negi and Deepti bisht- India TV Hindi
दीपा नेगी (बाएं), दीप्ति बिष्ट (दाएं) Image Source : INSTAGRAM/DEEPA_NEGI_PAHADI-RIDERDEEPTIB

उत्तराखंड पंचायत चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं और इस चुनाव में कई सोशल मीडिया इन्फलुएंसर को जमीनी हकीकत का सामना करना पड़ा है। लाखों फॉलोअर्स वाले डिजिटल सेलिब्रिटी अपने गांव में 100 वोट हासिल करने के लिए तरस गए और उन्हें करारी हार झेलनी पड़ी है। ऐसे कई सोशल मीडिया इन्फलुएंसर हैं, जो चुनावी मैदान में उतरे थे और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

1.5 लाख यूट्यूब सब्सक्राइबर वाली दीप्ति बिष्ट ने कनालीछीना ब्लॉक की डूंगरी ग्राम पंचायत से प्रधान का चुनाव लड़ा था। उनके फेसबुक पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, लेकिन चुनाव में उन्हें सिर्फ 55 वोट मिले। राधिका देवी ने 79 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।

दीपा नेगी और भीम सिंह भी फेल

यूट्यूब पर 1.27 लाख सब्सक्राइबर वाली दीपा नेगी ने रूद्रप्रयाग जिले के घिमतोली गांव से चुनाव लड़ा था। उन्हें भी सिर्फ 269 वोट मिले। 480 वोट पाने वाली कविता ने चुनाव जीता। हार के बाद दीप्ती ने विपक्षी उम्मीदवारों पर धांधली और वोट खरीदने के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार को निशाना बनाया गया। भीम सिंह ने हल्द्वानी की बच्चीनगर ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ा था। उनके यूट्यूब पर 21 हजार सब्सक्राइबर हैं। फेसबुक पर भी उन्हें 24 हजार लोग फॉलो करते हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ 955 वोट मिले। वहीं, हरेंद्र सिंह ने 1534 वोट हासिल कर चुनाव जीता।

ग्राम पंचायत प्रधान के 7499 पद पर मतदान

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना गुरुवार सुबह शुरू हुई। ग्राम पंचायत प्रधान के 5,913 पदों, जिला पंचायत सदस्यों के 95 पदों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 1,916 पदों के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं। राज्य में ग्राम पंचायत प्रधान के कुल 7,499 पद, जिला पंचायत सदस्यों के कुल 358 और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 2,974 पद हैं। राज्य के 12 जिलों में पंचायत चुनाव के लिए 24 और 28 जुलाई को दो चरणों में मतपत्रों से मतदान हुआ था। मतदान प्रतिशत 69.16 फीसदी रहा था। 

पंचायत चुनाव में भाग नहीं लेतीं राजनीतिक पार्टियां

उत्तराखंड में पंचायत चुनावों में राजनीतिक पार्टियां सीधे तौर पर हिस्सा नहीं लेतीं। उम्मीदवार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरते हैं और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आवंटित चुनाव चिन्हों पर चुनाव लड़ते हैं। राजनीतिक पार्टियां हालांकि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अपना समर्थन देती हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंचायत चुनावों में अपनी जीत का दावा किया है। राज्य भाजपा मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने यहां संवाददाताओं को बताया, “प्रदेश के अधिकांश ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्य पदों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीत हासिल की है। जनता ने भाजपा प्रत्याशियों को बड़े पैमाने पर क्षेत्र पंचायत सदस्य की जिम्मेदारी दी है।” चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जीत हासिल कर हम प्रदेश में ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार बनाने की ओर अग्रसर हैं।

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