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झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश गिरफ्तार, ACB ने लिया एक्शन

 Edited By: Mangal Yadav
 Published : Jun 18, 2025 02:36 pm IST,  Updated : Jun 18, 2025 02:57 pm IST

एसीबी ने झारखंड के पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारी बहुचर्चित शराब घोटाले में की गई है। अमित प्रकाश पर छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट को फायदा पहुंचाने का आरोप है।

पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश- India TV Hindi
पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश Image Source : FILE

रांचीः झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व उत्पाद आयुक्त अमित प्रकाश को गिरफ्तार किया है। दिसंबर 2024 में सेवानिवृत्त हुए प्रकाश पर शराब के थोक व्यापारी ओम साईं को 12 करोड़ रुपये की राशि विमुक्त करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद ACB ने उन्हें रांची स्थित अपने मुख्यालय में पूछताछ के लिए ले जाया।

6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है ACB 

गौरतलब है कि इस मामले में ACB अब तक छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे और संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह शामिल हैं। यह घोटाला कथित तौर पर 2022 की शराब नीति से जुड़ा है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट को फायदा पहुंचाने का आरोप है। इस नीति से राज्य को 38 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की बात सामने आई है।

जानें पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, झारखंड में 2021 के अंत से ही यह चर्चा शुरू हो गयी थी कि 2022-23 के लिए नई शराब नीति लागू होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के शराब माफिया का दबदबा होगा। इसके तहत उत्पाद विभाग ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग लिमिटेड (CSML) को राजस्व बढ़ाने के लिए सलाहकार नियुक्त किया। सलाहकार अरुणपति त्रिपाठी की फीस 1.25 करोड़ रुपये तय की गई। नई नीति को राजस्व परिषद के सदस्य अमरेंद्र प्रसाद सिंह के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, जिन्होंने नीति पर असहमति जताते हुए कई बदलावों का सुझाव दिया। सिंह ने यह भी टिप्पणी की थी कि CSML अपने राज्य में राजस्व बढ़ाने में नाकाम रही है, फिर भी उसे सलाहकार बनाया गया।

ईडी भी कर रही है मामले की जांच

यह मामला केवल ACB तक सीमित नहीं है। अक्टूबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड और छत्तीसगढ़ में छापेमारी की थी। इससे घोटाले के अंतरराज्यीय कनेक्शन का खुलासा हुआ। फर्जी बैंक गारंटी और प्लेसमेंट एजेंसियों को भुगतान जैसे गड़बड़ियों की जांच चल रही है। कई व्यापारियों और एजेंसी प्रतिनिधियों को नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन कुछ पूछताछ से बच रहे हैं, जिसके लिए ACB अब गिरफ्तारी वारंट की तैयारी में है।

रिपोर्ट- मुकेश सिन्हा

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