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झारखंडः पूर्वी सिंहभूम में स्वर्णरखा नदी के किनारे मिली सिलेंडरनुमा संदिग्ध वस्तु, बम होने की आशंका

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Apr 16, 2026 10:40 am IST,  Updated : Apr 16, 2026 12:06 pm IST

बहरागोड़ा में सुवर्णरेखा नदी के पास एक बेलनाकार वस्तु मिलने से इलाके में दहशत फैल गई है। इस क्षेत्र में एक महीने के भीतर यह तीसरी ऐसी घटना है। बुधवार शाम को ग्रामीणों ने इस संदिग्ध वस्तु को देखा।

संदिग्ध सिलेंडरनुमा बम- India TV Hindi
संदिग्ध सिलेंडरनुमा बम Image Source : REPORTER

पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में एक बार फिर संदिग्ध सिलेंडरनुमा बम मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया है। बरागाड़िया पंचायत के पानीपाड़ा गांव में बुधवार देर शाम ग्रामीणों ने स्वर्णरखा नदी के किनारे एक संदिग्ध वस्तु देखी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। आशंका जताई जा रही है कि यह सिलेंडर बम हो सकता है।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि बरामद वस्तु वास्तव में बम है या कोई अन्य धातु सामग्री। बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि टीम को जांच के लिए भेजा गया है और पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पहले भी इस इलाके में मिल चुके हैं बम

गौरतलब है कि इसी इलाके में हाल के दिनों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। 17 मार्च को पानीपाड़ा गांव के पास नदी किनारे एक बम मिला था, जबकि 24 मार्च को भी द्वितीय विश्व युद्ध काल का एक अमेरिकी बम बरामद किया गया था। उस समय सेना और पुलिस की निगरानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया था। माना जाता है कि वह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का अमेरिकी मूल का था, जिसे सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया था। यह अभियान सेना और पुलिस की संयुक्त देखरेख में चलाया गया था। इस प्रकार, इस क्षेत्र में लगभग चार सप्ताह के भीतर बम से जुड़ी तीन अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन अब हाई अलर्ट पर है। 

बता दें कि सुवर्णरेखा नदी क्षेत्र में ऐतिहासिक रूप से युद्ध के समय के छोड़े गए गोला-बारूद मिलते रहे हैं, क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पूर्वी भारत एक महत्वपूर्ण युद्ध क्षेत्र था। उस दौर के ऐसे गोला-बारूद जो फटे नहीं थे, इस क्षेत्र में कभी-कभी सामने आते रहते हैं। पुलिस ने निवासियों से उस जगह से दूर रहने को कहा है।  

रिपोर्ट- गंगाधर पांडे

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