1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. 'राहुल गांधी गंभीर नहीं, वह सिर्फ पॉलिटिकल टूरिज्म करने बालाघाट आए थे', एमपी के डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल और कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कसा तंज

'राहुल गांधी गंभीर नहीं, वह सिर्फ पॉलिटिकल टूरिज्म करने बालाघाट आए थे', एमपी के डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल और कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कसा तंज

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 01, 2026 08:48 pm IST,  Updated : Oct 01, 2026 08:52 pm IST

एमपी के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बालाघाट के दूरस्थ क्षेत्रों का चारों ओर से विकास हो रहा है। राहुल गांधी यहां सिर्फ पॉलिटिकल टूरिज्म करने आए थे।

rajendra shukla uday pratap singh- India TV Hindi
फोटो में बाईं तरफ एमपी के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और दाईं तरफ कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह। Image Source : REPORTERS INPUT

भोपाल: मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और परिवहन व उच्च शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। उनका मानना है कि राहुल गांधी कभी गंभीर नहीं होते। बालाघाट दौरे पर भी वे गंभीर नजर नहीं आए। राहुल गांधी अपने आप में समस्या हैं। नेता प्रतिपक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए। मध्य प्रदेश सरकार बालाघाट के विकास के लिए पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बालाघाट के दूरस्थ स्थानों पर भी तकनीकी विकास हो रहा है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि राहुल गांधी आज बालाघाट में अपने स्वभाव के अनुरूप बिल्कुल भी गंभीर नहीं थे। वे भूल गए कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में इसी बालाघाट में नक्सलवाद खूब फला-फूला था। राहुल भूल गए कि वर्ष 1999 में दिग्विजय सिंह सरकार में गृह मंत्री रहे लेखीराम कावरे के घर में घुसकर नक्सलियों ने उनका सिर धड़ से अलग कर दिया था। राहुल गांधी का बालाघाट दौरा नाटकीय और राजनीतिक दिखाई देता है। सरकार बनाने के लालच में राहुल गांधी घटना के 3 महीने बाद बालाघाट आकर पॉलिटिकल टूरिज्म कर रहे हैं।

आधारहीन आरोप लगाना राहुल गांधी की आदत

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आधारहीन आरोप लगाना उनकी आदत बन गई है। जब वे बयान देते हैं, तो उनके पूरे व्यक्तित्व और बॉडी लैंग्वेज से ही स्पष्ट हो जाता है कि उनमें आत्मविश्वास की कमी है। राहुल गांधी कहते हैं मुद्दा लोकसभा में उठाएंगे और दूसरी तरफ सदन ही नहीं चलने देते। लाड़ली बहना योजना किसने शुरू की? 1000 से 1500 किसने किया? और बैगा, भारिया, सहरिया आहार अनुदान योजना के तहत हर महीने 1500 देने का काम भी हमारी सरकार कर रही है, जिसकी राहुल को जानकारी तक नहीं है। जिन्होंने मध्य प्रदेश को बीमारू बनाया, वो सरकार का सपना देखना बंद कर दें। मध्य प्रदेश की जनता 2003 के पहले वाला एमपी कभी नहीं भूलेगी।

एमपी सरकार ने जड़ से खत्म किया नक्सलवाद

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि असल में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देना चाहिए कि वे जिस क्षेत्र में आज गए थे उस क्षेत्र में नक्सलियों को वर्ष 2025 में हमारी सरकार ने जड़ से खत्म किया है। यदि हमारी सरकार में नक्सली समाप्त नहीं होते तो आज राहुल गांधी इस क्षेत्र में जाने की स्थिति में भी नहीं होते। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित 2 विकासखंडों में 45 हजार लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग, 14 नए आंगनवाड़ी केंद्र, 10 उप स्वास्थ्य केंद्र खुले हैं। पीएचसी अब 30 बिस्तरों वाला अस्पताल हो गया है। राहुल गांधी कोई समाधान नहीं दे सकते। वे खुद एक समस्या हैं। राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा योजना के माध्यम से बैगा, सहरिया, भारिया सहित अति पिछड़ी जनजातियों के उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। जहां कभी लाल झंडे लहराते थे, आज वहां मोबाइल टावर, 4G-5G कनेक्टिविटी, अस्पताल और आंगनवाड़ी केंद्र जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि बालाघाट की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। यहां हुई घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जिले के प्रभारी मंत्री, महिला बाल विकास मंत्री समेत मैं स्वयं पहुंचा। हमने वहां जरूरी इंतजाम किए, 4 ब्लॉक महिला विकास अधिकारियों को पदस्थ किया, 14 उपस्वाथ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ केंद्र वहां स्थापित हो रहे हैं।

राहुल गांधी ने निभाई औपचारिकता

उच्च शिक्षा और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने बालाघाट आकर केवल औपचारिकता निभाई। वहां हुई घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने साथ सरकार के मंत्री, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और कांग्रेस विधायकों को साथ लेकर गए। हमारी सरकार ने पीड़ित परिवारों की तत्काल सहायता और हर संभव मदद की। इसकी प्रशंसा कांग्रेस के विधायकों ने भी की। मैं राहुल गांधी को बताना चाहूंगा कि भारतीय जनता पार्टी कर्मशील संगठन है, हमारी सरकार काम करने पर विश्वास करती है। हम कांग्रेस की तरह कोरे भाषण नहीं देते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना के दौरान आदिवासी सरपंचों और स्थानीय लोगों से संवाद किया, विकास कार्यों की जानकारी ली और क्षेत्र के विकास की बात की। स्थानीय लोगों ने जब विकास कार्यों की सराहना की, तो कांग्रेस के दोनों विधायक भी उस संवाद और कार्यक्रम में सहभागी रहे। बच्चों के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद सरकार ने प्रभावित परिवारों को सहायता राशि भी कांग्रेस के विधायकों और जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में दी। राहुल गांधी हजारों किलोमीटर से यहां केवल 15 मिनट के लिए आए। स्थानीय मीडिया तक को साथ नहीं लाए। बालाघाट के दूरस्थ आदिवासी अंचल में स्कूल गए तो देखा कि बच्चे पढ़ रहे हैं, शिक्षक पढ़ा रहे हैं, स्कूल साफ-सुथरा व्यवस्थित हैं, लेकिन प्रशंसा का एक शब्द नहीं निकला।

राहुल गांधी को जनता हल्के में लेती है

कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बैगा बहनों को लाड़ली बहना का पैसा क्यों नहीं मिल रहा ये सवाल राहुल गांधी पूछते हैं? कॉमन सेंस होना चाहिए। एक योजना का पैसा मिल रहा है तो दूसरी समानांतर योजना का लाभ नहीं मिलता। राहुल को यह नहीं पता कि बैगा बहनों को आहार अनुदान योजना का पैसा मिल रहा है। राहुल सुविधाओं की बात कर रहे हैं? 75 साल में 55 साल उनकी सरकार थी, तब वे कहां थे? राहुल बच्चों के साथ हुई घटना पर राजनीति करने आए थे। लखीराम कांवरे की हत्या हुई, आपकी पार्टी के मंत्री थे, कभी बैठने नहीं आए। हमारी बिटिया जो आपकी विधायक रही, उसके घर चले जाते। नक्सलवाद में शहीद हुए जवानों को कभी श्रद्धांजलि नहीं दी। इसलिए देश की जनता आपको हल्के में लेती है। आप जैसे हल्के हैं, जनता भी आपको हल्के में ही लेती है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।