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मध्य प्रदेश में चिकित्सीय ऑक्सीजन के संकट के चलते 7 रातों तक सो नहीं सका था: शिवराज सिंह चौहान

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 03, 2021 09:18 pm IST,  Updated : Jul 03, 2021 09:18 pm IST

मध्य प्रदेश में कोविड-19 की दूसरी लहर के चरम पर होने के दौरान चिकित्सीय ऑक्सीजन संकट को याद करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि उस दौर में वह जरूरी इंतजाम करने की अगुवाई के कारण सात रातों तक सो नहीं सके थे।

Shivraj Singh Chouhan,  Madhya Pradesh CM- India TV Hindi
Shivraj Singh Chouhan,  Madhya Pradesh CM Image Source : FILE PHOTO

इंदौर। मध्य प्रदेश में कोविड-19 की दूसरी लहर के चरम पर होने के दौरान चिकित्सीय ऑक्सीजन संकट को याद करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि उस दौर में वह जरूरी इंतजाम करने की अगुवाई के कारण सात रातों तक सो नहीं सके थे। मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मुझे आज उजागर करने में कोई संकोच नहीं है कि (कोविड-19 की दूसरी लहर के चरम पर) चिकित्सीय ऑक्सीजन के संकट के समय मैं सात रातों तक अपनी पलक तक नहीं झपका सका था।’’

उन्होंने याद किया, ‘‘उस समय लगातार खबरें आती थीं कि फलां अस्पताल में महज आधे घंटे की ऑक्सीजन बची है। हमने तमाम कोशिशों के जरिये ऑक्सीजन का इंतजाम किया। तब मैं यह जानने के लिए ऑक्सीजन टैंकर के ड्राइवर तक से बात करता था कि वह कहां तक पहुंचा है?’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर के खतरे से निपटने के लिए राज्य सरकार टीकों की कमी दूर करने और चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने समेत तमाम इंतजाम कर रही है। लेकिन आम लोगों को समझने की जरूरत है कि महामारी का संकट अभी टला नहीं है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की तीसरी लहर की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने हर रोज करीब 80,000 लोगों की जांच का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पड़ोसी महाराष्ट्र से आने-जाने वाले लोगों पर खास निगरानी रखी जाए जहां महामारी के नये मामले अपेक्षाकृत बड़ी तादाद में सामने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका सपना है कि कोविड-19 के मौजूदा दौर में इंदौर को शिक्षा के नवाचारी केंद्र और अलग-अलग रोजगार देने वाले आदर्श शहर के रूप विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर प्रदेश सरकार से रियायती दरों पर बड़ी जमीनें हासिल कर अपनी इकाइयां शुरू करने वाली आईटी कम्पनियां- टीसीएस और इन्फोसिस बेहद कम रोजगार दे रही हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि वह दोनों आईटी कम्पनियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर उनसे रोजगार बढ़ाने के बारे में चर्चा करे। चौहान ने कहा कि अभिभावकों पर कोविड-19 संकट की आर्थिक मार के मद्देनजर निजी स्कूल संचालकों को खासकर ट्यूशन फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इंदौर में स्मार्ट सिटी परियोजना को आगे बढ़ाए जाने के लिए 160 करोड़ रुपये प्रदान करने और शहर में पूर्व होलकर राजवंश की अहिल्या देवी के भव्य स्मारक के निर्माण की घोषणा भी की।

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