बीजेपी की दिग्गज नेता एवं मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने हिंदू राष्ट्र के बारे में अपने विचार रखे हैं। उमा भारती ने कहा, 'धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी पदयात्रा के दौरान हिंदू एकता और हिंदू राष्ट्र के विचार के बारे में बात की है। मैंने इसमें अपने विचार जोड़े हैं।'
'आर्यावर्त' के रूप में जाना जाता है
उमा भारती ने कहा, 'भारत को हिंदू राष्ट्र बनने की जरूरत नहीं है। यह पहले से ही एक है, जिसे ऐतिहासिक रूप से 'आर्यावर्त' या वैदिक भूमि के रूप में जाना जाता है, जिसका नाम सदियों से बदल रहा है। लोगों को अपने अंदर इस सच्चाई को पहचानना होगा।'
यहां सेक्युलरिज़्म का मतलब है सभी धर्मों को मानना
उन्होंने कहा, 'भारत सेक्युलर है, क्योंकि यह एक हिंदू राष्ट्र है। जिस दिन यह एक होना बंद कर देगा, यह सेक्युलर होना बंद कर देगा। एक हिंदू राष्ट्र के तौर पर भारत की पहचान ही इसके सेक्युलरिज़्म को पक्का करती है। यहां सेक्युलरिज़्म का मतलब है सभी धर्मों को मानना, जो कई देवी-देवताओं की पूजा और कई रीति-रिवाजों की हिंदू परंपरा में जुड़ा है।'
भारत एक हिंदू राष्ट्र, यह हिंदू राज्य नहीं
एमपी की पूर्व सीएम ने आगे कहा, 'इस्लाम, ईसाई, जैन और बौद्ध धर्म के होने से बहुत पहले, हिंदू अनगिनत देवी-देवताओं की पूजा करते थे।' जैसा कि डॉक्टर हेडगेवार ने कहा था, 'भारत एक हिंदू राष्ट्र है। यह हिंदू राज्य नहीं है। इसका मतलब है कि यह देश किसी एक धर्म को नहीं मानता या उसके आधार पर काम नहीं करता। ऐसा कभी नहीं होगा और हम विविधता में एकता को मानते हैं।'