मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री और उप मुख्यमंत्री ने भी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विवादित बयान दे दिया है। खास बात यह है कि विधायक जी ने अपने बयान को लेकर जो सफाई दी है, उसने मामले और विवादित बना दिया है। मनगवां से भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति ने पहले कहा कि अगर यूनाइटेड नेशन सीजफायर का आदेश नहीं देता तो पाकिस्तान समाप्त हो जाता। जब उनके बयान पर बवाल हुआ तो उन्होंने कह दिया कि सीजफायर का आदेश यूनाइटेड नेशन नहीं, बल्कि यूनाइटे स्टेट्स (अमेरिका) से आया था।
भारत सरकार की तरफ से पहले ही साफ किया जा चुका है कि सीजफायर किसी के आदेश पर नहीं हुआ है। पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को फोन लगाया था। इसके बाद बातचीत में दोनों देश सीजफायर पर सहमत हुए।
ट्रंप ने भी माना- सीजफायर नहीं कराया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की जानकारी दी थी। इस समय उन्होंने सोशल मीडिया पर सीजफायर कराने का दावा किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने भी यह स्वीकार किया कि सीजफायर उन्होंने नहीं कराया। इस दौरान उन्होंने सिर्फ मदद करने की बात कही थी। पाकिस्तान के मामले में भारत की लंबे समय से स्पष्ट नीति रही है कि वह किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत सिर्फ डीजीएमओ के स्तर पर ही होती है।
तिरंगा यात्रा के दौरान विवादित बयान
मध्य प्रदेश के रीवा में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारतीय सेना के पराक्रम के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। इस दौरान मनगवां से विधायक नरेंद्र प्रजापति ने कहा कि अगर यूनाइटे स्टेट से सीजफायर का आदेश नहीं आता तो मोदी जी के कहे अनुसार पूरा पाकिस्तान समाप्त हो जाता। उनके इस बयान पर बवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि यूनाइटेड नेशन को यूनाइटेड स्टेट लिखा और पढ़ा जाना चाहिए। विधायक जी की इस बात से स्पष्ट है कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
डिप्टी सीएम और मंत्री भी दे चुके विवादित बयान
मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया को लेकर विवादित बयान दिया था। इस मामले पर जमकर बवाल हो रहा है। कोर्ट ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले पर सुनवाई शुरू कर दी है। इसके बाद उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कह दिया कि पूरी सेना और पूरा देश पीएम मोदी के चरणों में नतमस्तक है। हालांकि, यह जुबान फिसलने के कारण हुआ था। मंत्री का पूरा बयान सुनने पर समझा जा सकता है कि वह कहना चाहते थे कि पूरा देश सेना के चरणों में नतमस्तक है। उन्होंने जल्द ही इस बयान पर सफाई भी दे दी थी। हालांकि, विधायक नरेंद्र प्रजापति ने पहले सीजफायर का श्रेय यूएन को दिया। इसके बाद उनकी सफाई ने आग में घी डालने का काम किया, जब उन्होंने यूएन की जगह यूएस को इसका श्रेय दे दिया।