नई दिल्ली। अडानी समूह ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात टर्मिनल और ईंधन आपूर्ति के लिए रिटेल नेटवर्क स्थापित करने के लिए फ्रांस की दिग्गज कंपनी टोटल एसए के साथ एक समझौता किया है। समूह ने बुधवार को इसकी घोषणा की। दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा कि अडानी और टोटल ने भारतीय ऊर्जा बाजार के लिए कई तरह की ऊर्जा पेशकश को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
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टोटल दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी निजी एलएनजी कंपनी है, जबकि 11 अरब डॉलर वाले अडानी ग्रुप के पास देश में वितरण का महत्वपूर्ण ढांचा है। दोनों कंपनियां देश में तेजी से बढ़ती गैस की मांग को पूरा करने का काम करेंगी। समझौते के तहत धामरा एलएनजी समेत विभिन्न टर्मिनलों को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 10 साल में 1,500 सर्विस स्टेशन का रिटेल नेटवर्क बनाने के लिए दोनों कंपनियां संयुक्त उद्यम भी बनाएंगी।
यह नए सर्विस स्टेशन जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगे, भारतीय ग्राहकों को टोटल के ईंधन, लुब्रीकेंट्स की संपूर्ण रेंज के साथ ही साथ अन्य उत्पादों और सेवाओं की पेशकश करेंगे। गुजरात के मुंद्रा में हाल ही में बनकर तैयार हुए 50 लाख टन वार्षिक क्षमता वाले तरल प्राकृतिक गैस आयात टर्मिनल में अडानी की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अडानी समूह इतनी ही क्षमता का एक और एलएनजी आयात टर्मिनल का निर्माण ओडिशा के धामरा में कर रही है। इसकी कुल लागत 5100 करोड़ रुपए है और यह 2021 तब बनकर तैयार हो जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि टोटल अडानी से इन दो एलएनजी आयात टर्मिनल में कुछ हिस्सेदारी खरीद सकती है। इसके अलावा टोटल अडानी द्वारा गुजरात के मुंद्रा में बनाए जा रहे एलपीजी आयात टर्मिनल में भी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर सकती है।