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बैंकों ने शुरू की राहत प्रक्रिया, 25 करोड़ रुपये तक का कर्ज होगा पुनर्गठित

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : May 30, 2021 07:01 pm IST,  Updated : May 30, 2021 07:01 pm IST

यदि आप कोविड-19 दूसरी लहर के कारण वित्तीय दबाव में हैं, तो आप अपने खाते के पुनर्गठन का विकल्प चुन सकते हैं।

Banks begin process of restructuring of loans up to Rs 25 cr- India TV Hindi
Banks begin process of restructuring of loans up to Rs 25 cr Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्‍ली। बैंकों ने कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से प्रभावित छोटे उद्यमों की मदद के लिए 25 करोड़ रुपये तक के कर्ज के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम इस महीने की शुरूआत में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा घोषित कोविड-19 राहत उपायों के अनुरूप है। कई बैंकों को समाधान रूपरेखा के लिए निदेशक मंडल की मंजूरी मिल गई है और इस संदर्भ में पात्र कर्जदारों से संपर्क कर रहे हैं।

उदाहरण के लिए, बैंक ऑफ इंडिया ने अपने पात्र ग्राहकों को ऑनलाइन ऋण पुनर्गठन के लिए अपनी इच्छा बताने को लेकर संदेश भेजे हैं। संदेश में कहा गया है कि इस कठिन समय में, हम पांच मई, 2021 को जारी आरबीआई समाधान रूपरेखा 2.0 के अनुसार आपकी मदद के लिए राहत की पेशकश कर रहे हैं। यदि आप कोविड-19 दूसरी लहर के कारण वित्तीय दबाव में हैं, तो आप अपने खाते के पुनर्गठन का विकल्प चुन सकते हैं।

इस बीच, सार्वजपिक क्षेत्र के एक अन्य बैंक पंजाब एंड सिंध बैंक ने कहा कि आरबीआई के निर्देश के अनुसार कर्ज पुनर्गठन योजना को निदेशक मंडल से मंजूरी मिल गई है। बैंक के प्रबंध निदेशक एस कृष्णन ने कहा कि हम बैंक प्रतिनिधि (बीसी) के माध्यम से अपने ग्राहकों तक पहुंचेंगे .इससे हमें इस बारे में एक अनुमान मिलेगा कि आखिर कितने ग्राहक अगले कुछ दिनों में पुनर्गठन का लाभ उठाना चाहते हैं।

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से एमएसएमई, लोगों और छोटे कारोबारियों पर सर्वाधिक असर पड़ा है। रिजर्व बैंक ने मौजूदा स्थिति को संज्ञान में लेते हुए समाधान योजना 2.0 की घोषणा की। इसके तहत 25 करोड़ रुपये तक के कर्ज ले रखे व्यक्ति और छोटे व्यवसाय ऋण पुनर्गठन का विकल्प चुन सकते हैं। बशर्तें उन्होंने पहले की योजना का लाभ नहीं उठाया था।

आरबीआई ने उन लोगों के मामले में जिन्होंने पिछली योजना के तहत ऋण पुनर्गठन का लाभ उठाया था, बैंकों और ऋण देने वाले संस्थाओं को योजनाओं को संशोधित कर दबाव कम करने में मदद के लिए मोहलत अवधि बढ़ाने की अनुमति दी थी।

 

 
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