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ब्लैकमनी के मामलों से निपटने के लिए CBI होगी हाईटेक, जल्द मिलेगा नया ऑनलाइन सिस्टम

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Apr 16, 2017 01:09 pm IST,  Updated : Apr 16, 2017 01:09 pm IST

ब्लैकमनी मामलों की जांच में सहायता के लिए CBI को एक नया ऑनलाइन सिस्टम मिलने जा रहा है। इससे अधिकारियों को विभिन्न एजेंसियों से आंकड़ें जुटाने में मदद मिलेगी

ब्लैकमनी के मामलों से निपटने के लिए CBI होगी हाईटेक, जल्द मिलेगा नया ऑनलाइन सिस्टम- India TV Hindi
ब्लैकमनी के मामलों से निपटने के लिए CBI होगी हाईटेक, जल्द मिलेगा नया ऑनलाइन सिस्टम

नयी दिल्ली। CBI  (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) अब जल्द ही हाईटेक हो जाएगी। दरअसल ब्लैकमनी मामलों की जांच में सहायता के लिए CBI को एक नया ऑनलाइन सिस्टम मिलने जा रहा है। इससे अधिकारियों को विभिन्न एजेंसियों मसलन बैंकों, आयकर विभाग तथा वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) आदि से आंकड़ों को जुटाने में मदद मिलेगी।

सीवीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि

समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है जो सीबीआई के पास है। अधिकारी ने कहा कि नया सिस्टम अधिक वैज्ञानिक है और इससे जांचकर्ताओं को सभी आधुनिक माध्यम का इस्तेमाल कर सभी छिपाई गई आमदनी के बारे में जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी।

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CVC ने दिया था सुझाव

भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में CBI का सहयोग करने वाले केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा गठित बहु अनुशासनात्मक समिति ने मौजूदा प्रणाली में इन बदलावों का सुझाव दिया था जिसके बाद यह कदम उठाया जा रहा है।

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सीवीसी ने पाया कि आय से अधिक संपत्ति की गणना की मौजूदा प्रणाली कई साल पहले बनाई गई थी। उस समय सूचनाओं तक पहुंच सीमित थी। आय से अधिक संपत्ति का पता लगाने को काफी थकाउ प्रक्रियाएं अपनाई जाती थीं और मैनुअल तरीके से यह काम किया जाता था। एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार आय से अधिक संपत्ति की गणना की प्रणाली में सुधार की जरूरत महसूस की गई है। इसमें ऐसे सॉफ्टवेयर का विकास भी शामिल है जो जांच की अवधि के दौरान आय और व्यय के सभी घटनाक्रमों को जुटा सके।

एक समिति का किया गया था गठन 

सीवीसी ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि मौजूदा प्रणाली में बैंकों, एफआईयू तथा कराधान विभाग के पास आंकड़ों की उपलब्धता का अनिवार्य तौर पर आय से अधिक संपत्ति की गणना के लिए नहीं होता। इसके बाद सीवीसी, सीबीआई, एफआईयू तथा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अधिकारियों की एक समिति का गठन किया गया।

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