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LPG सिलेंडर हुआ 2657 रुपये का, आश्‍यक वस्‍तुओं पर मूल्‍य नियंत्रण खत्‍म करने के बाद श्रीलंका में मचा कोहराम

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Oct 11, 2021 04:11 pm IST,  Updated : Oct 11, 2021 04:11 pm IST

इस साल सितंबर में, श्रीलंका सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की कीमत को नियंत्रित करने और जमाखोरी को रोकने के लिए आपातकाल की घोषणा की थी।

Cooking gas cylinder cost goes through roof in Lanka as price control for essential goods ends- India TV Hindi
Cooking gas cylinder cost goes through roof in Lanka as price control for essential goods ends Image Source : PTI

कोलंबो। श्रीलंका में रसोई र्गस की खुदरा कीमत में सोमवार को बेतहाशा वृद्धि – लगभग 90 प्रतिशत- देखी गई। सरकार द्वारा हाल ही में आवश्‍यक वस्‍तुओं के लिए मूल्‍य नियंत्रण को समाप्‍त करने की घोषणा के बाद श्रीलंका में आवश्‍यक वस्‍तुओं की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। स्‍टैंडर्ड घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (12.5 किग्रा), जिसकी कीमत शुक्रवार को 1400 रुपये थी, अब 2657 रुपये का मिल रहा है। सिलेंडर की कीमत में 1257 रुपये का इजाफा हुआ है।

एक किलो दूध की कीमत 250 रुपये बढ़ गई है और इसका खुदरा मूल्‍य 1195 रुपये है। इसी प्रकार अन्‍य आवश्‍यक वस्‍तुओं जैसे गेहूं का आटा, चीनी और यहां तक की सीमेंट की कीमत में भी रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है। हालांकि रसोई गैस कीमत में रिकॉर्ड वृद्धि ने देश में कोहराम मचा दिया है। सोशल मीडिया गुस्‍से से भरा हुआ है और लोग कीमत वापस लेने की मांग कर रहे हैं।  

उपभोक्‍ता सुरक्षा प्राधिकरण के प्रवक्‍ता ने कहा कि कैबिनेट ने मिल्‍क पावडर, गेहूं आटा, चीनी और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस के लिए मूल्‍य नियंत्रण को इस उम्‍मीद के साथ कि इनकी आपूर्ति में इजाफा होगा, समाप्‍त करने का फैसला किया है। इन सभी चीजों की कीमत में अधिकतम 37 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है लेकिन हमें उम्‍मीद है कि डीलर्स अनुचित लाभ नहीं उठाएंगे।    

राष्‍ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की अध्‍यक्षता में गुरुवार रात हुई मंत्रिमंडल की बैठक में श्रीलंका सरकार ने मिल्‍क पावउर, गैस, गेहूं का आटा और सीमेंट के लिए मूल्‍य नियंत्रण को खत्‍म करने का फैसला लिया। कोविड-19 महामारी ने श्रीलंका को 2020 में बहुत अधिक नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद सरकार ने तेजी से घटेत विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए आयात को नियंत्रित कर दिया। इससे आवश्‍यक वस्‍तुओं विशेषकर मिल्‍क पावडर की कमी हो गई।  

इस साल सितंबर में, श्रीलंका सरकार ने आवश्‍यक वस्‍तुओं की कीमत को नियंत्रित करने और जमाखोरी को रोकने के लिए आपातकाल की घोषणा की थी। हालांकि इसके बाद भी आवश्‍यक वस्‍तुओं की आपूर्ति अपर्याप्‍त बनी रही।

सरकार ने पिछले हफ्ते कहा था कि घरेलू बाजार में मूल्‍य नियंत्रण को समाप्‍त करने से आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा। श्रीलंका खाद्य और अन्‍य आवश्‍यक वस्‍तुओं का शुद्ध आयातक है। इस साल जुलाई अंत में श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 2.8 अरब डॉलर रह गया, जो नवंबर 2019 में 7.5 अरब डॉलर था।

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