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पूर्ववर्ती Syndicate Bank की चेकबुक 30 जून तक रहेगी वैद्य, IFSC या MICR कोड का भी कर सकेंगे उपयोग

Edited by: India TV Paisa Desk
Published : Mar 11, 2021 11:11 am IST, Updated : Mar 11, 2021 11:11 am IST

ग्राहक पूर्ववर्ती सिंडीकेट बैंक शाखाओं की नई चेक बुक और नए आईएफएससी अथवा एमआईसीआर कोड के बारे में जानकारी बैंक की वेबसाइट, इंटरनेट बैंकिंग, कैंडी एप/मोबाइल बैंकिंग और केनरा बैंक की शाखाओं से प्राप्त की जा सकती है।

Erstwhile Syndicate Bank cheque books valid till June-end- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

Erstwhile Syndicate Bank cheque books valid till June-end

नई दिल्‍ली। सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बेंक (Canara Bank) ने बुधवार को कहा कि पूर्ववर्ती सिंडीकेट बैंक (Syndicate Bank) की शाखाओं द्वारा जारी की गई चेक बुक (cheque books) जून 2021 अंत तक वैद्य रहेगी। सिंडीकेट बैंक का एक अप्रैल 2020 से केनरा बैंक में विलय हो चुका है। केनरा बैंक ने एक वक्तव्य में कहा है कि पूर्ववर्ती सिंडीकेट बैंक की शाखओं द्वारा जारी की गई चेकबुक और उनके IFSC / MICR कोड 30 जून 2021 तक वैध रहेंगे।

वक्तव्य में कहा गया है कि ग्राहक पूर्ववर्ती सिंडीकेट बैंक शाखाओं की नई चेक बुक और नए  आईएफएससी अथवा एमआईसीआर कोड के बारे में जानकारी बैंक की वेबसाइट, इंटरनेट बैंकिंग, कैंडी एप/मोबाइल बैंकिंग और केनरा बैंक की शाखाओं से प्राप्त की जा सकती है।

इंडियन फाइनेंशियल सिस्‍टम कोड (आईएफएससी) एक 11-अंकों का अल्‍फा न्‍यूमेरिक कोड है, जो बैंक की चेक बुक पर लिखा होता है। इस कोड की मदद से बैंक ब्रांच की पहचान करने में मदद मिलती है, जो नेशनल इलेक्‍ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) जैसे विभिन्‍न ऑनलाइन मनी ट्रांसफर ऑप्‍शन में भागीदारी करते हैं।

RBI ने IDBI बैंक को पीसीए के दायरे से बाहर किया

रिजर्व बैंक ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के दायरे से बाहर कर दिया। बैंक के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार आने के बाद करीब चार साल के बाद बैंक को पीसीए से बाहर किया गया है। रिजर्व बैंक ने आईडीबीआई बैंक को मई 2017 में पीसीए व्यवस्था में रखा था। इस व्यवस्था के तहत उन्हें विस्तारित नियामकीय निरीक्षण के तहत कसा जाता है।

बैंक ने पूंजी पर्याप्तता, संपत्ति गुणवत्ता के लिए तय सीमा को लांघ लिया था। मार्च 2017 में बैंक का शुद्ध एनपीए 13 प्रतिशत से ऊपर निकल गया था, जबकि उसकी संपत्ति पर प्रतिफल और अन्य मानक में भी कमी आई थी। बैंक के कामकाज की 18 फरवरी 2021 को हुई बैठक में समीक्षा की गई। बोर्ड फॉर फाइनेंसियल सुपरविजन (बीएफएस) ने यह समीक्षा की थी। रिजर्व बैंक ने कहा कि 31 दिसंबर 2020 को समाप्‍त तिमाही के बैंक के प्रकाशित परिणामों में यह देखा गया है कि बैंक का कामकाज पीसीए मानकों के दायरे में है। उसका शुद्ध एनपीए, नियामकीय पूंजी मानकों के तय दायरे के भीतर है।

बैंक ने इस संबंध में लिखित में भी अपनी प्रतिबद्धता जताई है कि वह विभिन्न नियामकीय पूंजी मानकों को बनाए रखेगा और इस संबंध में उसने ढांचागत और प्रणालीगत सुधार पर जोर दिया है।

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