Wednesday, March 18, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. खाद्य मंत्रालय ने धान सहित विभिन्न खाद्यान्न खरीद के लिए एक समान नियम जारी किए

खाद्य मंत्रालय ने धान सहित विभिन्न खाद्यान्न खरीद के लिए एक समान नियम जारी किए

Edited by: India TV Paisa Desk Published : Sep 20, 2021 09:55 pm IST, Updated : Sep 20, 2021 09:55 pm IST

सरकारी उपक्रम भारतीय खाद्य निगम और अन्य खरीद एजेंसियों को दिये गये नियम-निर्देशों के मुताबिक किसानों से अनाज खरीदने के लिए कहा गया है।

खाद्य मंत्रालय ने धान सहित विभिन्न खाद्यान्न खरीद के लिए एक समान नियम जारी किए- India TV Paisa
Photo:MOFPI

खाद्य मंत्रालय ने धान सहित विभिन्न खाद्यान्न खरीद के लिए एक समान नियम जारी किए

नई दिल्ली: खाद्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उसने केंद्र द्वारा खरीदे जाने वाले खाद्यान्नों के लिए समान विनिर्देश जारी किए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों की उपज की बिना किसी रोक-टोक के खरीदारी हो। सरकारी उपक्रम भारतीय खाद्य निगम और अन्य खरीद एजेंसियों को दिये गये नियम-निर्देशों के मुताबिक किसानों से अनाज खरीदने के लिए कहा गया है। एजेंसियों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से बिना किसी परेशानी के खरीद करने को कहा गया है। 

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि पहली बार, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) ने ग्रेड-ए और सामान्य चावल के फोर्टिफाइड (पोषक तत्वों से संवर्धित किये गये) चावल कर्नेल (एफआरके) के लिए समान विनिर्देश जारी किए गये हैं। पोषक तत्व संवर्धित चावल के स्टॉक की खरीद के मामले में, एफआरके (डब्ल्यू/डब्ल्यू) का एक प्रतिशत सामान्य चावल स्टॉक के साथ मिश्रित किया जाना है। 

विभाग ने आगामी खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के लिए केंद्रीय पूल की खरीद के लिए खाद्यान्न खरीद के लिये यह निर्देश जारी किए। खरीफ विपणन सत्र अक्टूबर से अगले साल सितंबर तक चलता है। मानक प्रथा के अनुसार ये विनिर्देश धान, चावल और अन्य मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी के संबंध में जारी किए गए हैं। बयान में कहा गया है, "राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि किसानों के बीच इन विनिर्देशों का व्यापक प्रचार किया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और उनकी उपज को अस्वीकृत किये जाने की स्थिति से पूरी तरह से बचा जा सके।"

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement