Wednesday, March 11, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. पी चिदंबरम पर स्वर्ण आयात के नियमों में ढील को लेकर हो सकती है कार्रवाई, सरकार ने दिए संकेत

पी चिदंबरम पर स्वर्ण आयात के नियमों में ढील को लेकर हो सकती है कार्रवाई, सरकार ने दिए संकेत

Edited by: Manish Mishra Published : Mar 13, 2018 09:38 am IST, Updated : Mar 13, 2018 09:38 am IST

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए सरकार ने कहा है कि वह उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने संप्रग शासन के कार्यकाल के आखिरी दिनों में निजी क्षेत्र की व्यापारिक कंपनियों के लिए स्वर्ण आयात नियमों में ढील दी

P Chidambaram- India TV Paisa
P Chidambaram

नई दिल्ली पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए सरकार ने कहा है कि वह उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने संप्रग शासन के कार्यकाल के आखिरी दिनों में निजी क्षेत्र की व्यापारिक कंपनियों के लिए स्वर्ण आयात नियमों में ढील दी। इससे ऐसी 13 इकाइयों को 4,500 करोड़ रुपए का अप्रत्याशित लाभ हुआ। पंजाब नेशनल बैंक में 12,700 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में कांग्रेस के हमले का सामना कर रही सत्तारूढ़ भाजपा ने इस महीने चिदंबरम पर 80:20 स्वर्ण योजना के जरिए जौहरी मेहुल चोकसी तथा नीरव मोदी को सहायता पहुंचाने का आरोप लगाया। चोकसी और नीरव देश के सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी (पीएनबी बैंक घोटाला) में मुख्य आरोपी हैं।

सरकार ने इस योजना से फायदे में रहे किसी ट्रेडिंग हाउस का नाम लिए बगैर एक बयान में कहा कि उसने सत्ता में आने के कुछ ही महीनों में साहसिक कदम उठाते हुए निजी स्वर्ण आयातकों को फायदा पहुंचाने वाले सभी भेदभाव को समाप्त किया।

सरकार ने कहा कि 2012-13 में देश में सोने का आयात बढ़ रहा था और इससे चालू खाते के घाटे पर दबाव पड़ा। इससे उच्च सीमा शुल्क समेत अन्य उपायों से आयात पर शिकंजा कसा गया। आयात रोकने के लिए वर्ष 2013 के जुलाई-अगस्त में इसे 20:80 योजना को संशोधित किया गया। इसमें केवल बैंक तथा एमएमटीसी तथा एसटीसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों को सोने के आयात की अनुमति दी गयी। शर्त थी कि आयातित सोने के पांचवें हिस्से के बराबर निर्यात किए जाने के बाद आगे नई खेप के आयात की अनुमति होगी।

वाणिज्य मंत्रालय ने इस बयान में चिदंबरम के निर्णय के हवाले से कहा है कि हालांकि 21 मई 2014 को प्रीमियर ट्रेडिंग हाउस तथा स्टार ट्रेडिंग हाउस का दर्जा प्राप्त फर्मों को भी 20:80 योजना के तहत सोने के आयात की अनुमति दे दी गई। और निजी व्यापारियों को भी योजना के अंतर्गत आयात की अनुमति दी गई।

बयान के मुताबिक,  तत्कालीन वित्त मंत्री ने 13 मई 2014 को संशोधित योजना को मंजूरी दी। यह मंजूरी तब दी गई जब लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ 5 मार्च 2014 से आचार संहिता लागू थी और वोटों की गिनती का काम 16 मई 2014 को होना था। सरकार ने कहा कि प्रीमियर और स्टार ट्रेडिंग हाउस का दर्जा प्राप्त निजी कंपनियों को सोने के आयात की अनुमति से इन इकाइयों को अप्रत्याशित लाभ हुआ।

बयान में कैग रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। 13 ट्रेडिंग हाउस दर्जे वाली फर्मों ने जून 2014 से नवंबर 2014 के बीच 282.77 टन सोने का आयात का आयात किया। इसका मतलब है कि इन एजेंसियों को इस दौरान 4,500 करोड़ रुपए का अप्रत्याशित लाभ हुआ। इसमें यह माना गया है कि प्रति किलो 2 लाख रुपए के प्रीमियम तथा 80 प्रतिशत आयातित सोने की आपूर्ति घरेलू बाजार में प्रीमियम कीमत पर की गई।

बयान में कहा गया है कि नई सरकार ने एक साहसिक निर्णय लिया और सोने के आयात को उदार बनाने के साथ 28 नवंबर को 20:80 योजना को खत्म कर दिया। बयान में कहा गया है कि इस योजना को खत्म करने से प्रीमियर और स्टार ट्रेडिंग हाउस फर्मों के लिए अनुचित लाभ की स्थिति खत्म हो गई।

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement