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अगले 10 साल में भारत होगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, जापान और जर्मनी को छोड़ देगा पीछे

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Sep 29, 2017 03:34 pm IST,  Updated : Sep 29, 2017 03:47 pm IST

वृद्धि प्रवृत्ति को देखते हुए भारत अगले दशक में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन सकता है। HSBC की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

अगले 10 साल में भारत होगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, जापान और जर्मनी को छोड़ देगा पीछे- India TV Hindi
अगले 10 साल में भारत होगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, जापान और जर्मनी को छोड़ देगा पीछे

नई दिल्ली। भले ही कुछ सुधारों के कारण देश की जीडीपी वृद्धि दर प्रभावित हुई हो लेकिन मध्यम अवधि में संभावना उत्साहजनक दिखाई देती है। वृद्धि प्रवृत्ति को देखते हुए भारत अगले दशक में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन सकता है। HSBC की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

वैश्विक वित्‍तीय सेवा कंपनी HSBC के अनुसार हालांकि पिछले साल के कुछ सुधारों से आर्थिक वृद्धि के रास्ते में बाधा उत्पन्न हुई है जिससे संभवत: अल्पकाल में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर कम हुई है। लेकिन मध्यम अवधि में उन सुधारों से भारत की क्षमता का पूरा उपयोग होना चाहिए। एचएसबीसी ने एक शोध रिपोर्ट में कहा है कि हालांकि आज वैश्विक जीडीपी का केवल 3 प्रतिशत है, लेकिन भारत की वृद्धि की प्रवृत्ति को देखने से लगता है कि यह अगले दशक में जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार भारत दो दुनिया में फंसा है। एक जहां वृद्धि धीमी है, दूसरा जहां आर्थिक वृद्धि सुधर रही है।पहला भारत चालू वित्‍त वर्ष और अगले वित्‍त वर्ष में दिखाई देगा। रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरा भारत वित्‍त वर्ष 2019-20 और उसके बाद दिखेगा। यहां भारत और आकर्षक होगा।  इसके आधार पर एचएसबीसी का मानना है कि भारत की वृद्धि दर चालू वित्‍त वर्ष में 6.5 प्रतिशत रहेगी, जो पिछले वित्‍त वर्ष 2016-17 के 7.1 प्रतिशत के मुकाबले कम है। वहीं 2018-19 में इसके 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं 2019-20 में यह बढ़कर 7.6 प्रतिशत हो जाएगी।

उल्लेखनीय है कि देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत पर आ गई, जो तीन साल का न्यूनतम स्तर है। इसका मुख्य कारण विनिर्माण क्षेत्र में नरमी के बीच नोटबंदी का प्रभाव है। एचएसबीसी का मानना है कि 2019-20 के बाद मौजूदा सुधारों के कारण उत्पन्न अल्पकालीन बाधाएं दूर हो जाएंगी।

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