1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. अप्रैल में 64,000 करोड़ से अधिक रहा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन, सरकार के अतिरिक्‍त कदमों से 42 फीसदी हुई वृद्धि

अप्रैल में 64,000 करोड़ से अधिक रहा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन, सरकार के अतिरिक्‍त कदमों से 42 फीसदी हुई वृद्धि

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : May 11, 2016 06:54 pm IST,  Updated : May 11, 2016 06:57 pm IST

पेट्रोल और डीजल पर एक्‍साइज ड्यूटी में वृद्धि करने के चलते चालू वित्‍त वर्ष के पहले महीने अप्रैल में इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन 42 फीसदी बढ़ गया है।

अप्रैल में 64,000 करोड़ से अधिक रहा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन, सरकार के अतिरिक्‍त कदमों से 42 फीसदी हुई वृद्धि- India TV Hindi
अप्रैल में 64,000 करोड़ से अधिक रहा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन, सरकार के अतिरिक्‍त कदमों से 42 फीसदी हुई वृद्धि

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल पर एक्‍साइज ड्यूटी में वृद्धि करने के चलते चालू वित्‍त वर्ष के पहले महीने अप्रैल में इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन 42 फीसदी बढ़ गया है। इस बीच वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी डीबीएस की रिपोर्ट में इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में अधिक रहने का अनुमान जताया गया है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अप्रैल 2016 में इनडायरेकट टैक्‍स कलेक्‍शन 41.8 फीसदी बढ़कर 64,394 करोड़ रुपए रहा, जो इससे पूर्व वित्त वर्ष के इसी महीने में 45,417 करोड़ रुपए था। एक्‍साइज ड्यूटी कलेक्‍शन 70.7 फीसदी बढ़कर 28,252 करोड़ रुपए रही, जो एक वर्ष पूर्व इसी महीने में 16,546 करोड़ रुपए थी। बयान के अनुसार, अतिरिक्त राजस्व कलेक्‍शन कदमों को छोड़ दिया जाए तो अप्रैल महीने में इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन में वृद्धि 17 फीसदी रही।

अतिरिक्त राजस्व उपायों में वाहन ईंधनों पर एक्‍साइज ड्यूटी वृद्धि शामिल है। अप्रैल महीने में कलेक्‍शन 2016-17 के बजटीय लक्ष्य का 8.3 फीसदी।  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 में 7.78 लाख करोड़ रुपए के इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन का अनुमान रखा है, जो पूर्व वित्त वर्ष के 7,09,022 करोड़ रुपए के वास्तविक कलेक्‍शन से 9.7 फीसदी अधिक है।

सर्विस टैक्‍स कलेक्‍शन अप्रैल में 28 फीसदी बढ़कर 18,647 करोड़ रुपए रहा, जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 14,585 करोड़ रुपए था।  सीमा शुल्क या आयात शुल्क का कलेक्‍शन 22.5  फीसदी बढ़कर 17,495 करोड़ रुपए रहा, जो अप्रैल 2015 में 14,286 करोड़ रुपए था। डीबीएस की रिपोर्ट में इनडायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में अधिक रहने का अनुमान जताया गया है। इससे सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा